
लखनऊ, 19 सितंबर 2026:
वर्षों से गृहकर (House Tax) और दूसरे नगरीय करों का बकाया ढो रहे शहरी परिवारों के लिए यूपी सरकार की एकमुश्त समाधान योजना (OTS) राहत लेकर आई है। योजना के तहत अब तक स्वीकृत 29,292 लाभार्थियों को सरचार्ज और ब्याज में कुल 31.06 करोड़ रुपये की छूट मिल चुकी है। औसतन हर लाभार्थी को करीब 12,655 रुपये की बचत हुई है। सरकार के मुताबिक योजना पुराने कर बकायों को पारदर्शी तरीके से निपटाने के साथ नागरिकों को आर्थिक राहत देने का माध्यम बन रही है।
15 अगस्त को शुरू हुई योजना में बढ़ रही भागीदारी
नगर विकास विभाग की ओर से स्वतंत्रता दिवस पर शुरू की गई OTS योजना के प्रति शहरी करदाताओं की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। अब तक 48,751 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 25,231 आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है। प्राप्त आवेदनों में नगर निगमों से 40,480, नगर पालिका परिषदों से 6,033, नगर पंचायतों से 2,160 और जल संस्थानों से 394 आवेदन शामिल हैं।
आम परिवार सबसे ज्यादा आगे
योजना का सबसे बड़ा असर आवासीय संपत्तियों पर दिखाई दे रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 31,002 यानी 81.5 प्रतिशत आवेदन आवासीय संपत्तियों से जुड़े हैं। वहीं 3,785 आवेदन व्यावसायिक और 3,235 मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियों के हैं। यानी योजना का बड़ा लाभ उन परिवारों को मिल रहा है जिन पर वर्षों से पुराने कर बकाये का बोझ बना हुआ था।

73.80 करोड़ की मांग, 24.51 करोड़ राजस्व आया
OTS के तहत पंजीकृत 73.80 करोड़ रुपये की कुल मांग में से अब तक 24.51 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष राजस्व प्राप्त हो चुका है। इससे एक तरफ बकायेदारों को छूट का लाभ मिल रहा है तो दूसरी तरफ नगरीय निकायों की रुकी हुई राजस्व वसूली को भी गति मिल रही है।
लखनऊ सबसे आगे, 6.70 करोड़ की गृहकर वसूली
गृहकर वसूली के मामले में लखनऊ नगर निगम प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में सबसे आगे है। यहां OTS के तहत करीब 6.70 करोड़ रुपये की गृहकर वसूली हो चुकी है। लखनऊ में 4,159 आवेदन आए जिनमें 3,723 स्वीकृत हो चुके हैं। पांच आवेदन निरस्त किए गए हैं जबकि 239 अभी प्रक्रिया में हैं।
वसूली के साथ शहरी सुविधाओं पर भी जोर
सरकार के मुताबिक OTS से प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल स्वच्छ पेयजल, सड़कों, स्ट्रीट लाइट और अन्य नगरीय सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा। यानी पुराने बकाये की वसूली से निकायों की आय बढ़ेगी और उसका इस्तेमाल शहरों में नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए किया जाएगा।
नगर विकास सचिव अनुज कुमार झा ने कहा कि योजना से करदाताओं को राहत देने के साथ नगरीय निकायों की राजस्व वसूली में तेजी आई है। उन्होंने सभी निकायों को योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ दिलाने पर जोर दिया।






