
लखनऊ, 19 सितंबर 2026:
डिजिटल भुगतान को लेकर केंद्र सरकार के नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के खिलाफ आम आदमी पार्टी के व्यापार प्रकोष्ठ ने शनिवार को यूपी की राजधानी लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य भवन चौराहे पर जुटे पार्टी कार्यकर्ताओं और व्यापारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शुल्क व्यवस्था वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष मनोज मिश्रा समेत तमाम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
दरअसल, 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI मर्चेंट भुगतान पर 0.4% MDR लागू होना है। यह शुल्क व्यापारियों से लिया जाना है, जबकि 2,000 तक के भुगतान और व्यक्ति-से-व्यक्ति लेनदेन पर यह MDR लागू नहीं होगा। सरकार ने यह भी कहा है कि व्यापारियों को इसका बोझ ग्राहकों पर डालने की अनुमति नहीं होगी।

इस शुल्क के खिलाफ आप ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मनोज मिश्रा ने केंद्र पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ‘डिजिटल इंडिया’ को बढ़ावा देने के बाद अब डिजिटल लेनदेन पर शुल्क लगाकर छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सब्जी विक्रेता, ठेले वाले, रिक्शा-टैक्सी चालक और चाय विक्रेता जैसे छोटे कारोबारी पहले ही महंगाई और आर्थिक दबाव से जूझ रहे हैं।
उन्होंने पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के हवाले से कहा कि छोटे व्यापारियों पर पड़ने वाला कोई भी अतिरिक्त भुगतान उनके सीमित मुनाफे को प्रभावित करेगा। उन्होंने बड़े कॉरपोरेट कर्जों और छोटे कारोबारियों पर कथित टैक्स बोझ की तुलना करते हुए सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए। साथ ही दावा किया कि आने वाले समय में इसका दायरा बढ़ सकता है और आम जनता पर भी इसका असर पड़ सकता है।

उन्होंने ऐलान किया कि व्यापारियों के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। वहीं जिलाध्यक्ष इरम रिजवी ने कहा कि रेहड़ी-पटरी और छोटे दुकानदार पहले से ही महंगाई तथा स्थानीय स्तर की समस्याओं से परेशान हैं।
प्रदर्शन में अवध प्रांत के उपाध्यक्ष अभिषेक प्रताप सिंह, वंश बहादुर सिंह, नूर सिद्दीकी, प्रदेश प्रवक्ता संजीव निगम समेत कई पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद पुलिस ने बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।






