लखनऊ, 30 मई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ को शनिवार को भारतीय नौसेना के शौर्य, पराक्रम और गौरव का एक नया केंद्र मिला। इकाना स्टेडियम के पास निर्मित नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से किया। करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से दो एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित यह परियोजना नौसेना शौर्य संग्रहालय के दूसरे चरण का हिस्सा है। ये आने वाली पीढ़ियों को भारतीय नौसेना के इतिहास, साहस और राष्ट्र सेवा की प्रेरक गाथाओं से परिचित कराएगी।

सुरक्षा पर निर्भर करती है किसी भी राष्ट्र की प्रगति और विकास
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति और विकास उसकी सुरक्षा पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि जब देश सुरक्षा के मोर्चे पर मजबूत होता है तभी दुनिया भी उसके साथ मित्रता का हाथ बढ़ाती है। कमजोर राष्ट्रों को कोई महत्व नहीं देता। उन्होंने भारतीय संस्कृति के प्रसिद्ध सूत्र अहिंसा परमो धर्मः, धर्म हिंसा तथैव च का उल्लेख करते हुए कहा कि सामान्य परिस्थितियों में अहिंसा सर्वोच्च धर्म है लेकिन जब राष्ट्र और समाज की सुरक्षा पर खतरा हो तो उसका दृढ़ता से मुकाबला करना भी उतना ही आवश्यक है।

हर नागरिक के मन में होना चाहिए सैनिकों के प्रति सम्मान व राष्ट्रभक्ति का भाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना और सुरक्षा बल देश की सीमाओं पर कठिनतम परिस्थितियों में डटे रहते हैं। चाहे माइनस डिग्री तापमान हो, रेगिस्तान की झुलसाने वाली गर्मी या समुद्र की ऊंची लहरें, सैनिकों की सतर्कता और समर्पण के कारण ही 140 करोड़ देशवासी सुरक्षित जीवन जी पाते हैं। उन्होंने कहा कि सैनिकों के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति का भाव हर नागरिक के मन में होना चाहिए।

नौसेना के कार्यों, चुनौतियों और उपलब्धियों को करीब से जान सकेंगे लोग
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नौसेना शौर्य वाटिका केवल एक संग्रहालय नहीं बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी। यहां आने वाले लोग भारतीय नौसेना के कार्यों, चुनौतियों और उपलब्धियों को करीब से जान सकेंगे। इससे युवाओं में अनुशासन, साहस और राष्ट्र सेवा की भावना विकसित होगी। उन्होंने नौसेना के आदर्श वाक्य नभः स्पृशं दीप्तम् का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए बड़ी सोच आवश्यक होती है। संकुचित दृष्टिकोण से कोई राष्ट्र या व्यक्ति नई ऊंचाइयों तक नहीं पहुंच सकता।
प्रदेश के प्रमुख चौराहों पर लगाएं सेना के पुराने टैंक और सैन्य उपकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण में ही विकास, निवेश और जनकल्याण की योजनाएं प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सकती हैं। उन्होंने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि असुरक्षा के माहौल में विकास की संभावनाएं सीमित हो जाती हैं।

योगी ने सुझाव दिया कि प्रदेश के प्रमुख चौराहों पर सेना के ऐसे टैंक और सैन्य उपकरण स्थापित किए जाएं जो अब उपयोग में नहीं हैं। इससे युवाओं में सेना के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभक्ति से बड़ा कोई मूल्य नहीं हो सकता।
आईएनएस गोमती को नदी के तट पर स्थापित करने की सलाह
मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और उनकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समयबद्ध और सुव्यवस्थित ढंग से इस परियोजना को पूरा किया गया है। उन्होंने बताया कि नौसेना से 2022 में सेवानिवृत्त किए गए आईएनएस गोमती का भी बेहतर उपयोग करते हुए उसे गोमती नदी के तट पर स्थापित किया गया है। यह इस परियोजना का विशेष आकर्षण है।
समारोह में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, ब्रजलाल, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक योगेश शुक्ल, राजेश्वर सिंह, ओपी श्रीवास्तव, अमरेश कुमार, जय देवी, एमएलसी अवनीश सिंह, मुकेश शर्मा, पवन सिंह चौहान समेत कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






