लखनऊ, 9 जून 2026:
यूपी में एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए गठित उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को सीएम योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी से लेकर अपने पास रख लिया है। इसे लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मंगलवार को सीएम के साथ ही भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने इस कदम को भ्रष्टाचार और आपसी लेनदेन से जोड़ते हुए भाजपा सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपने बयान में अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए नंदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी हाफ हुए हैं। विधानसभा में टिकट नहीं मिलेगा तो साफ हो जाएंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब सभी घटिया एक्सप्रेसवे बन गए और भ्रष्टाचार के कथित लेनदेन का लक्ष्य पूरा हो गया तब जिम्मेदारी छीनने का फैसला लिया गया।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए बड़े पैमाने पर अपने उम्मीदवार बदलने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद की सभी विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी बदले जाने की चर्चा है क्योंकि भाजपा को लगता है कि उसके विधायक जनता के काम करने के बजाय केवल खाने-कमाने में लगे रहे। इसके चलते लोकसभा चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा।
अखिलेश ने आगे कहा कि यही रणनीति उन 43 लोकसभा क्षेत्रों में भी लागू की जा रही है जहां इंडिया गठबंधन को जीत मिली थी। उनके अनुसार भाजपा करीब 225 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार बदल सकती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कई मौजूदा विधायक खुद भी चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं क्योंकि उन्हें अपनी हार तय दिखाई दे रही है।
भाजपा सरकार पर हमला तेज करते हुए सपा अध्यक्ष ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, भूमि कब्जों, घूसखोरी और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियों से जनता में भारी आक्रोश है। पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग समेत समाज के विभिन्न तबकों में असंतोष बढ़ा है।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि जनता अब बदलाव चाहती है और भाजपा के जनाधार में लगातार गिरावट आ रही है। वहीं, भाजपा की ओर से अखिलेश के आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






