
लखनऊ, 6 जुलाई 2026:
यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. मसूद अहमद ने कांग्रेस छोड़कर सोमवार को सांसद चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व वाली आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके साथ कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के कई कार्यकर्ता व समर्थक भी पार्टी में शामिल हुए। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सुनील चित्तौड़ ने सभी को सदस्यता दिलाई।
इस मौके पर चंद्रशेखर आजाद ने डॉ. मसूद अहमद का स्वागत करते हुए उन्हें कांशीराम का पुराना सहयोगी बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. मसूद पिछले डेढ़ साल से बहुजन आंदोलन को करीब से देख रहे थे। अब उनके अनुभवों का लाभ पार्टी को मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि दलित, आदिवासी, किसान, मजदूर और महिलाओं की एकजुटता ही प्रदेश में नई राजनीतिक दिशा तय करेगी तथा नफरत की राजनीति का जवाब भाईचारे से दिया जाएगा।
चंद्रशेखर ने कहा कि डॉ. मसूद का पार्टी में शामिल होना संगठन को नई मजबूती देगा। उन्होंने नगीना लोकसभा चुनाव की सफलता का उल्लेख करते हुए आगामी चुनावों में सभी बड़े दलों को पीछे छोड़ने का संकल्प भी दोहराया। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों के लिए आठ घंटे की ड्यूटी, मुख्य आरक्षियों की गृह जनपद में तैनाती और पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने का वादा किया।

पार्टी में शामिल होने के बाद डॉ. मसूद अहमद ने कहा कि आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की विचारधारा से जुड़कर उन्हें खुशी है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि वह संगठन को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. मसूद अहमद का कांग्रेस छोड़कर आजाद समाज पार्टी में जाना आगामी विधानसभा चुनाव से राजनीति और सामाजिक समीकरणों पर असर डाल सकता है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस घटनाक्रम पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, आजाद समाज पार्टी इसे संगठन विस्तार और चुनावी अभियान के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।






