Uttarakhand

डिजिटल वाउचर से किसानों तक सीधे अनुदान… पॉलीहाउस योजना में नई व्यवस्था लागू

कृषि मंत्री ने किया शुभारंभ, ऑनलाइन आवेदन से लेकर भुगतान तक पूरी प्रक्रिया होगी ट्रैक, 80 फीसदी तक सब्सिडी तीन किस्तों में मिलेगी क्लस्टर मॉडल के तहत छोटे पॉलीहाउस पर फोकस

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 4 मई 2026:

प्रदेश में किसानों को अनुदान देने की प्रक्रिया अब डिजिटल हो गई है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को अपने कैम्प कार्यालय से नाबार्ड पॉलीहाउस योजना के तहत सीबीडीसी आधारित भुगतान प्रणाली की शुरुआत की। उन्होंने किसानों के खातों में प्रतीकात्मक डिजिटल ट्रांजैक्शन कर नई व्यवस्था लागू होने का संकेत दिया।

मंत्री ने बताया कि योजना के तहत अब किसान अपुणि सरकार पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करेंगे। आवेदन के बाद जांच और स्थल सत्यापन होगा, फिर पात्र किसानों को सीबीडीसी वाउचर जारी किए जाएंगे। पॉलीहाउस तैयार होने और अंतिम सत्यापन के बाद सीधे खाते में भुगतान पहुंचेगा। इससे फंड के इस्तेमाल पर नजर रखना आसान होगा और गड़बड़ी की गुंजाइश कम होगी।

उन्होंने कहा कि नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत 50 से 100 वर्गमीटर के छोटे पॉलीहाउस पर किसानों को 80 फीसदी तक अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के लिए 304.43 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। अनुदान तीन चरण में डिजिटल वाउचर के जरिए दिया जाएगा।

योजना को लागू करने के लिए 25 फर्म और कंपनियों का पंजीकरण किया गया है। किसान अपनी जरूरत के हिसाब से किसी भी रजिस्टर्ड फर्म से पॉलीहाउस बनवा सकते हैं। भुगतान सीधे डिजिटल वॉलेट के जरिए लाभार्थियों तक पहुंचेगा, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहेगी।

कार्यक्रम में सचिव कृषि डॉ. एसएन पांडेय, निदेशक उद्यान सुंदर लाल सेमवाल, आईटीडीए निदेशक आलोक कुमार पाण्डेय, आरबीआई के अरविन्द कुमार, यूनियन बैंक की अर्चना शुक्ला, प्रांजल वाजपेयी, नाबार्ड के डीजीएम अभिनव कापड़ी समेत विभागीय अधिकारी और किसान मौजूद रहे।

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