
लखनऊ, 16 सितंबर 2026:
यूपी के राशन कोटेदारों के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। योगी कैबिनेट ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत वितरित होने वाले खाद्यान्न पर उचित दर विक्रेताओं को 25 रुपये प्रति कुंतल अतिरिक्त राज्य मार्जिन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के लाखों राशन विक्रेताओं को सीधे आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
100 रुपये के बाद अब 25 रुपये अतिरिक्त
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि सरकार ने इससे पहले गत 1 सितंबर के आदेश के तहत उचित दर विक्रेताओं के आधारभूत लाभांश को 90 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति कुंतल किया था। अब इसके अतिरिक्त 25 रुपये प्रति कुंतल राज्य मार्जिन स्वीकृत किए जाने से कोटेदारों को मिलने वाला आर्थिक लाभ और बढ़ जाएगा।

खर्चों ने सीमित कर दी थी कोटेदारों की बचत
मौजूदा व्यवस्था में खाद्यान्न की सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के तहत राशन वितरण से जुड़े कई खर्च कोटेदारों को वहन करने पड़ते हैं। इन खर्चों के कारण उनकी वास्तविक मासिक बचत काफी सीमित रह जाती थी। सरकार के मुताबिक अतिरिक्त राज्य मार्जिन मिलने से इन विक्रेताओं को प्रत्यक्ष वित्तीय राहत मिलेगी और उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी।
जुलाई से लागू होगा फैसला
कैबिनेट के निर्णय को गत जुलाई से प्रभावी माना जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई से मार्च 2027 तक नौ महीने के लिए राज्य सरकार पर 168.75 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। वहीं, पूरे वित्तीय वर्ष के आधार पर अतिरिक्त खर्च करीब 225 करोड़ रुपये अनुमानित है।
प्रदेश में हर साल औसतन करीब 90 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न वितरित किया जाता है। ऐसे में प्रति कुंतल अतिरिक्त राज्य मार्जिन का फैसला राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े उचित दर विक्रेताओं की आय पर सीधा असर डालने वाला है।






