Uttar Pradesh

राजस्व वृद्धि से विकास को बूस्ट : फरवरी तक ₹1.96 लाख करोड़ की वसूली, सरकार ने तय किया मार्च का मेगा रोडमैप

मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के फरवरी माह तक कर और करेत्तर राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा की, राज्य कर, आबकारी, परिवहन सहित हर सेक्टर में बढ़ा राजस्व संग्रह

लखनऊ, 28 फरवरी 2026:

यूपी की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए योगी सरकार ने राजस्व बढ़ोतरी को मिशन मोड में ले लिया है। उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के फरवरी अंत तक कर और करेत्तर राजस्व की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने साफ कहा कि राजस्व वृद्धि ही विकास की रफ्तार तय करती है। इसके लिए पारदर्शिता, दक्षता व नवाचार आधारित कार्यप्रणाली को हर विभाग में मजबूती से लागू किया जाए।

समीक्षा में सामने आया कि 2025-26 के लिए तय ₹2.95 लाख करोड़ के कर-राजस्व लक्ष्य के मुकाबले फरवरी तक ₹1.96 लाख करोड़ से अधिक की वसूली हो चुकी है। राज्य कर (जीएसटी+वैट) के लक्ष्य ₹1.75 लाख करोड़ के सापेक्ष ₹1.03 लाख करोड़ की प्राप्ति दर्ज की गई। राज्य कर विभाग ने बताया कि जीएसटी 2.0, एआई आधारित जोखिम विश्लेषण, ई-इनवॉइसिंग और ई-वे बिल की सख्त निगरानी से कर अनुपालन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। फर्जी आईटीसी पर नियंत्रण और बड़े पैमाने पर स्क्रूटनी से अब तक ₹3,117 करोड़ की वसूली विभाग की बड़ी उपलब्धि रही।

आबकारी विभाग ने लक्ष्य ₹63,000 करोड़ के मुकाबले फरवरी तक ₹48,501 करोड़ की कमाई दर्ज की। यह पिछले साल से 13.2% ज्यादा है। विभाग ने मार्च में करीब ₹9,050 करोड़ की अतिरिक्त प्राप्ति का रोडमैप पेश किया। वर्ष के अंत तक लगभग ₹57,550 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान जताया। स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग ने ₹38,150 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष फरवरी तक ₹29,487 करोड़ जुटाए। यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, गोरखपुर और वाराणसी में आगामी आवासीय-व्यावसायिक परियोजनाओं से संभावित राजस्व पर भी फोकस किया गया।

परिवहन विभाग ने ₹14,000 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले ₹11,005 करोड़ की वसूली दर्ज की। तकनीक आधारित निगरानी, प्रवर्तन और डिजिटल मॉनिटरिंग से राजस्व में उछाल आया है। भू-राजस्व व ऊर्जा विभाग की संयुक्त उपलब्धि फरवरी तक ₹3,414 करोड़ रही। यह पिछले वर्ष से 12.6% अधिक है। वहीं खनन विभाग ने डिजिटल मैपिंग, जीपीएस ट्रैकिंग और अंतरराज्यीय समन्वय से ₹3,597 करोड़ जुटाए और मार्च में ₹600 करोड़ की संभावित वसूली का संकेत दिया।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बढ़ता राजस्व बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को नई गति देगा। होली के दौरान अवैध व जहरीली शराब पर जीरो टॉलरेंस, रजिस्ट्री कार्यालयों का आधुनिकीकरण और परिवहन सेवाओं की गुणवत्ता सुधार जैसे कदमों पर भी सख्त अमल के आदेश दिए गए। सरकार का संदेश साफ है कि मार्च में राजस्व संग्रह के लिए ‘मेगा-पुश’ के साथ विकास की रफ्तार और तेज होगी।

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