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UP STF ने तस्करी का ‘हाईवे’ किया ध्वस्त : 4 दबोचे, उड़ीसा से ऐसे लखनऊ पहुंचा 92 लाख का गांजा

गांजा के साथ ट्रक, स्कॉर्पियो, पांच मोबाइल फोन, एक वाईफाई डोंगल और कैश बरामद, मलकानगिरी से छत्तीसगढ़ होते हुए लखनऊ तक थी सप्लाई चेन, सीतापुर, बाराबंकी, गोंडा और बहराइच में होती आपूर्ति

लखनऊ, 14 फरवरी 2026:

यूपी एसटीएफ ने मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार इलाके में चार तस्करों को धर दबोचने के साथ करीब 92 लाख रुपये कीमत का कई कुंतल गांजा बरामद किया गया। आरोपियों के कब्जे से एक ट्रक, स्कॉर्पियो, पांच मोबाइल फोन, एक वाईफाई डोंगल और 9300 रुपये भी जब्त किए गए।

एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह के मुताबिक टीम को कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि मलकानगिरी से गांजा लेकर एक संगठित गिरोह छत्तीसगढ़ होते हुए लखनऊ तक सप्लाई करता है। गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। बिना बॉडी वाले ट्रेलर ट्रक की चेसिस के प्लेटफॉर्म में गुप्त कैविटी बनाकर गांजा छुपाया जाता जिससे किसी को शक न हो। गोपनीय सूचना के आधार पर एसटीएफ ने शालीमार बंधा के पास ट्रक और स्कॉर्पियो सवार चार आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा गया।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान लखनऊ के मड़ियांव निवासी जीतू श्रीवास्तव, बाराबंकी निवासी मयंक जायसवाल, इंदिरानगर निवासी पारितोष त्रिपाठी और बिहार निवासी ट्रेलर चालक कुलदीप यादव के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह अब तक 15-20 बार उड़ीसा से गांजा मंगवा चुका है। गांजा लोड होते ही आरोपी मोबाइल नंबर बंद कर देते थे। इंटरनेट कॉल के जरिए संपर्क बनाए रखते थे। लखनऊ सीमा में ट्रक के प्रवेश पर गैंग के सदस्य आगे-आगे चलकर तय ठिकानों तक माल पहुंचाते और फिर इसे सीतापुर, बाराबंकी, गोंडा, बहराइच समेत अन्य जिलों में सप्लाई किया जाता था।

एसटीएफ के अनुसार तस्करी से मिली रकम से आरोपियों ने एक डाला और एक कार भी खरीदी थी। फिलहाल टीम गैंग के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए सप्लाई चेन और फाइनेंशियल ट्रेल की भी जांच की जा रही है।

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