योगेंद्र मलिक
देहरादून, 14 फरवरी 2026:
देहरादून में भर्ती परीक्षाओं की पवित्रता पर चोट करने वाले एक संगठित और हाईटेक नकल गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तराखण्ड और यूपी की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में SSC मल्टी टॉस्किंग (नॉन-टेक्निकल) स्टाफ एवं सीबीआईसी/सीबीएन हवलदार भर्ती परीक्षा-2025 के दौरान देहरादून स्थित एक परीक्षा केंद्र से दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह परीक्षा देशभर में कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित की जा रही थी।
सूचना मिलने पर STF की टीम ने देहरादून के एमकेपी इंटर कॉलेज परिसर में स्थित ‘महादेव डिजिटल जोन’ परीक्षा केंद्र पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान परीक्षा लैब के पास बने UPS रूम में 24×24 इंच का एक अंडरग्राउंड चैंबर मिला। उसमें दो लैपटॉप और एक राउटर स्वचालित रूप से संचालित पाए गए। प्राथमिक जांच में सामने आया कि इन उपकरणों के जरिए परीक्षा में बैठे अभ्यर्थियों के कंप्यूटर सिस्टम को रिमोटली एक्सेस कर प्रश्नपत्र हल किए जा रहे थे। इस पूरी व्यवस्था को इस तरह छिपाया गया था कि सामान्य निरीक्षण में इसका पता लगना मुश्किल था।

STF ने जांच के बाद मौके से दो लैपटॉप, एक डिजिसोल राउटर, जेब्रोनिक्स ईथरनेट एडॉप्टर, कैट-6 केबल, पीएनटी कनेक्टिंग बॉक्स और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मौके से नीतिश कुमार निवासी भाटपार रानी, देवरिया व हाल निवासी नागलोई, दिल्ली और भास्कर नैथानी निवासी नथुवावाला, देहरादून को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी हर अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के नाम पर 10 लाख रुपये तक की मांग कर रहे थे।
दोनों के खिलाफ उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अधिनियम-2023 की संबंधित धाराओं, भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एहतियातन परीक्षा केंद्र को सील कर दिया गया है। गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।






