
देहरादून, 21 जून 2026:
Hemkund Sahib Yatra के दौरान सामने आए विवादित प्रकरण को लेकर उत्तराखंड सरकार ने साफ किया है कि मामले को धार्मिक या सांप्रदायिक विवाद का रूप देना सही नहीं है। सरकार ने कहा है कि सोशल मीडिया के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गृह सचिव शैलेश बगोली ने कहा कि शुरुआती जांच में मामला दो पक्षों के बीच हुए विवाद और भावनात्मक आवेश से जुड़ा नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में सभी धर्मों और आस्थाओं का बराबर सम्मान किया जाता है। राज्य की पहचान आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द से रही है, जिसे किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आईजी गढ़वाल को पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के निर्देश दिए गए हैं। सभी पक्षों की बात सुनने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं एडीजी लॉ एंड ऑर्डर से भी पूरे घटनाक्रम की स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है।
श्रद्धालुओं और आम लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। अभी संचालित Char Dham Cell को Hemkund Sahib Yatra से भी जोड़ा जाएगा। यात्रा अवधि के दौरान यह सेल चौबीसों घंटे काम करेगा, ताकि किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
गृह सचिव ने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाकर या मामले को सांप्रदायिक रंग देकर उत्तराखंड का माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस संबंध में आईजी गढ़वाल को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अफवाह फैलाने या सामाजिक वैमनस्य पैदा करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार और पुलिस प्रशासन सभी श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा, सम्मान और सुविधाओं को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। किसी भी विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा और कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।
शैलेश बगोली ने श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और सभी संबंधित पक्षों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी शिकायत या विवाद की स्थिति में प्रशासन और पुलिस की वैधानिक व्यवस्था का सहारा लिया जाए।






