लखनऊ, 11 मार्च 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में प्रस्तावित और निर्माणाधीन प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रगति समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक विलंब या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। सभी कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएं।
बैठक में चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने संबंधित डीएम को निर्देश दिया कि इन परियोजनाओं के लिए भूमि क्रय की प्रक्रिया में आ रही सभी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करते हुए कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाए जिससे निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और क्षेत्रीय संतुलित विकास को नई गति देगा। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे का मुख्य कैरिजवे निर्माण पूरा हो चुका है और शेष कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाकी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर एक्सप्रेसवे को जल्द संचालन के लिए तैयार किया जाए। साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के प्रस्ताव पर भी कार्य प्रगति पर होने की जानकारी दी गई।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर परियोजना की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट को हाल ही में प्रोविजनल एरोड्रम लाइसेंस मिल चुका है। भूमि अधिग्रहण सहित अन्य विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट से जुड़े सभी कार्यों को समन्वित तरीके से शीघ्र पूरा किया जाए।
बैठक में ग्रेटर नोएडा में विकसित किए जा रहे मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब, नोएडा के चिल्ला एलिवेटेड फ्लाईओवर तथा सिंचाई क्षेत्र की मध्य गंगा नहर परियोजना (स्टेज-2) और एरच सिंचाई परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजनाएं किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं इसलिए इन्हें प्राथमिकता दी जाए।
ऊर्जा क्षेत्र में रिहंद-ओबरा क्षेत्र की पंप स्टोरेज परियोजना, तापीय विद्युत परियोजनाओं के पर्यावरणीय उन्नयन तथा झांसी में प्रस्तावित 100 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही लखनऊ में वृंदावन योजना के अंतर्गत प्रस्तावित एग्जीबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर और कुकरेल क्षेत्र में प्रस्तावित नाइट सफारी परियोजना को भी प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विकास परियोजनाएं अवसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं हैं। ये निवेश, रोजगार और नागरिकों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार का आधार बनती हैं। इसलिए सभी विभाग समन्वित और लक्ष्य उन्मुख दृष्टिकोण के साथ इन परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करना सुनिश्चित करें।






