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सिंगापुर में ‘यूपी का दम’! वन ट्रिलियन डॉलर की उड़ान, योगी बोले… ट्रिपल एस मॉडल है निवेश की सबसे बड़ी गारंटी

सिंगापुर में यूपी का निवेश रोड शो हिट, सीएम ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश केवल संभावनाओं की ही भूमि नहीं अपितु परफॉर्मेंस की धरती बन चुका, यूपी में निवेश पूरी तरह सुरक्षित और उम्मीदों से परिपूर्ण, योगी ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से एमओयू का किया आदान-प्रदान

सिंगापुर/लखनऊ, 25 फरवरी 2026:

सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन ‘इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो’ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद गंतव्य बताते हुए ‘ट्रिपल एस’ यानी सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड मॉडल को निवेश की सबसे बड़ी गारंटी करार दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल संभावनाओं की ही नहीं अपितु परफॉर्मेंस की भूमि बन चुका है। अगले तीन-चार वर्षों में वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में निर्णायक छलांग लगाएगा।

मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के उद्योग जगत को आमंत्रित करते हुए भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश में निवेश पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास डेडिकेटेड सिंगापुर सिटी विकसित करने की योजना का खाका साझा किया। यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास प्रस्तावित इस विशेष टाउनशिप से एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और वर्ल्ड-क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर का सीधा लाभ निवेशकों को मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीआर में आने वाले सिंगापुर के निवेशकों के लिए यह एक सुव्यवस्थित, फ्यूचर-रेडी इकोसिस्टम बनेगा। दो दिवसीय दौरे में योगी ने GIC, Temasek, SATS और Blackstone सहित प्रमुख संस्थाओं के चेयरमैन व सीईओ से मुलाकात कर बहुचरणीय बैठकों में निवेश संभावनाओं पर ठोस चर्चा की। उन्होंने कहा कि सिंगापुर के इंडस्ट्री लीडर्स आज उत्तर प्रदेश को भारत के भीतर ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में देख रहे हैं।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते 9 वर्षों में प्रदेश की जीएसडीपी 13 लाख करोड़ से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की ओर है और पर कैपिटा इनकम लगभग तीन गुना हुई है। देश की अर्थव्यवस्था में यूपी का योगदान करीब 9.5 प्रतिशत है। डी-रेगुलेशन रैंकिंग में प्रदेश प्रथम स्थान पर है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर रहा और 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधानों को समाप्त कर डी-क्रिमिनलाइजेशन की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पिछले पांच वर्षों से उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस राज्य बना हुआ है।

इंफ्रास्ट्रक्चर फ्रंट पर 75,000 एकड़ का लैंड बैंक एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के आसपास उपलब्ध है। देश के कुल एक्सप्रेसवे का 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है। 16,000 किमी का रेलवे नेटवर्क, 7 शहरों में मेट्रो और 16 एयरपोर्ट जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय हैं। प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार दे रहे हैं। वाराणसी-हल्दिया राष्ट्रीय जलमार्ग और मल्टी-मोडल टर्मिनल्स लॉजिस्टिक्स को मजबूत कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र में यूपी देश का ‘फूड बास्केट’ बनकर उभरा है, जिससे फूड प्रोसेसिंग व वैल्यू एडिशन में निवेश के बड़े अवसर खुलते हैं।

स्किल्ड मैनपावर को निवेश का मजबूत आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 करोड़ आबादी वाले प्रदेश में 56 प्रतिशत से अधिक वर्किंग फोर्स है। लेबर रिफॉर्म, स्किल डेवलपमेंट, शिक्षा और स्टार्टअप इकोसिस्टम को गति दी गई है। 96 लाख एमएसएमई इकाइयां पहले से कार्यरत हैं, जो 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। निवेश मित्र, निवेश सारथी और उद्यमी मित्र पोर्टल के जरिए सिंगल-विंडो क्लियरेंस, टाइम-बाउंड अनुमोदन और ऑनलाइन डीबीटी से इंसेंटिव वितरण लागू है। 34 से अधिक सेक्टोरल पॉलिसीज और एक्सप्रेसवे के किनारे 27 इंडस्ट्रियल क्लस्टर निवेशकों को रेडी प्लेटफॉर्म दे रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान ब्लू प्लैनेट के साथ इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट, एसी एविएशन के साथ एमआरओ व हेलिकॉप्टर पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग, केएलके वेंचर्स के साथ सोलर पैनल निर्माण, तथा इश्तारा ज्वेलरी व माइस्त्रो प्रोडक्शंस के साथ ज्वेलरी व क्रिएटिव एवं मीडिया सेक्टर में एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के प्रतिनिधियों और भारतीय उच्चायुक्त की मौजूदगी में यूपी ने निवेश के नए अध्याय की मजबूत नींव रखी।

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