Uttar Pradesh

‘अमृत’ से आत्मनिर्भर हो रहा UP… 19,978 सरोवरों ने ऐसे बदली गांवों की तस्वीर

जल संरक्षण में प्रदेश बना नंबर-1, योगी सरकार के अमृत सरोवर मिशन ने जल संकट, बेरोजगारी और पर्यावरणीय चुनौतियों पर एक साथ किया प्रहार, गोरखपुर बना प्रदेश का टॉप जिला

लखनऊ, 26 मई 2026:

यूपी की योगी सरकार ने जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना के तहत प्रदेश में अब तक 19,978 अमृत सरोवरों का निर्माण और पुनरुद्धार पूरा हो चुका है। इसी उपलब्धि के साथ देश में यूपी अमृत सरोवर निर्माण में पहले स्थान पर पहुंच गया है। खास बात यह है कि देशभर में बने कुल अमृत सरोवरों में लगभग 30 प्रतिशत अकेले प्रदेश में विकसित किए गए हैं।

ग्राम्य विकास विभाग के अनुसार इस अभियान में गोरखपुर प्रदेश का सबसे अग्रणी जिला बनकर उभरा है। गोरखपुर में 735 अमृत सरोवर तैयार किए जा चुके हैं। वहीं महाराजगंज 601 सरोवरों के साथ दूसरे और प्रयागराज 525 सरोवरों के निर्माण के साथ तीसरे स्थान पर है।

योगी सरकार की यह पहल केवल तालाबों के निर्माण तक सीमित नहीं रही अपितु इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन से भी जोड़ा गया। अमृत सरोवरों की खुदाई, गाद निकालने और सुंदरीकरण का कार्य मनरेगा से जोड़ने के कारण लाखों ग्रामीणों को अपने गांव में ही रोजगार मिला। इससे ग्रामीण पलायन पर भी सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।

प्रदेश सरकार ने हर अमृत सरोवर को आधुनिक सुविधाओं से भी जोड़ा है। न्यूनतम एक एकड़ क्षेत्र में विकसित किए गए इन सरोवरों की जल क्षमता लगभग 10 हजार क्यूबिक मीटर रखी गई है। सरोवरों के चारों ओर पक्के वॉकिंग ट्रैक, बैठने के लिए बेंच, प्रकाश व्यवस्था और व्यापक वृक्षारोपण किया गया है। इससे ये सरोवर अब जल संरक्षण केंद्र के साथ ग्रामीणों के लिए आकर्षण और सामाजिक गतिविधियों के केंद्र भी बन गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलने से भूजल स्तर में सुधार हो रहा है और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। गांवों में हरियाली और स्वच्छता बढ़ने के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी मजबूत हो रहा है। योगी सरकार का यह मॉडल अब ग्रामीण समृद्धि, सतत विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत आधार बनकर उभर रहा है।

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