
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 17 जुलाई 2026ः
उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार ने प्रत्येक जिले में क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही प्रत्येक मंडल में दो-दो अतिरिक्त सोसाइटी विकसित की जाएंगी, ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों तक पारदर्शी और सुलभ वित्तीय सेवाएं पहुंचाई जा सकें। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने यमुना कॉलोनी स्थित अपने सरकारी आवास पर सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक की।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं का विस्तार होगा और सहकारिता व्यवस्था अधिक मजबूत बनेगी। उन्होंने प्रदेशभर की सभी सहकारी बैंक शाखाओं और सहकारी समितियों के भवनों को एक समान रंग और स्वरूप देने के निर्देश भी दिए। उनका कहना था कि इससे सहकारी संस्थाओं की एक विशिष्ट और एकरूप पहचान विकसित होगी। साथ ही सभी सहकारी समितियों की भूमि की रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए।
मंत्री ने विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं को समय पर पूरा करने, लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने और केंद्र व राज्य की सरकारों के लक्ष्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। डॉ. रावत ने कहा कि सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






