
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 24 जून 2026ः
उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में रुद्रपुर क्षेत्र से स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी के बैंक खाते में अवैध और कूटरचित शस्त्र लाइसेंसों के कारोबार से करीब एक करोड़ 70 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि अपराध मुक्त उत्तराखंड अभियान के तहत बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में 4 जून को काशीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट के मास्टरमाइंड सदानंद शर्मा की भूमिका सामने आई थी। जांच में पाया गया कि सदानंद यूपी के शाहजहांपुर और गाजियाबाद में भी फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने के मामलों में पहले गिरफ्तार हो चुका है।
सदानंद पर आरोप है कि उसने शाहजहांपुर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में कार्यरत कुछ लोगों की मिलीभगत से पुराने और गायब रिकॉर्ड वाले यूआईएन नंबरों का दुरुपयोग कर फर्जी लाइसेंस ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कराए। इसके बाद इन लाइसेंसों को बड़ी संख्या में ऊधमसिंह नगर समेत अन्य क्षेत्रों में लोगों को उपलब्ध कराया गया।
एसटीएफ के अनुसार अब तक इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। कार्रवाई के दौरान 14 अवैध शस्त्र, जिनमें दो ऑटोमैटिक पंप एक्शन गन, दो रायफल, नौ पिस्टल और एक रिवॉल्वर बरामद की गई है। इसके अलावा कई फर्जी शस्त्र लाइसेंस भी जब्त किए गए हैं। इस मामले में अब तक नौ आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
एसएसपी ने बताया कि सदानंद के खिलाफ गाजियाबाद व शाहजहांपुर में धोखाधड़ी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। अब उन लोगों की भी पहचान की जा रही है, जिन्होंने फर्जी लाइसेंस बनवाए या इनके जरिए शस्त्र रखे। उन्होंने लोगों से संदिग्ध या फर्जी शस्त्र लाइसेंसों की सूचना एसटीएफ को देने की अपील की है।






