
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 11 सितंबर 2026ः
उत्तराखंड के राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण को मजबूत करने की दिशा में धामी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित नौ कर्मशाला अधीक्षकों को प्रदेश के विभिन्न राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में नियुक्ति दी गई है। तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शुक्रवार को अपने शासकीय आवास पर आयोजित कार्यक्रम में सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। डॉ. रावत ने कहा कि कर्मशाला अधीक्षकों की नियुक्ति से विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों की कार्यशालाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित होगा। इससे छात्रों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि बेहतर प्रयोगात्मक प्रशिक्षण भी मिल सकेगा।
धन सिंह रावत ने कहा कि तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को किताबी ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक रूप से दक्ष बनाना है। कार्यशालाओं में नियमित और बेहतर प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में इंजीनियरिंग की गहरी समझ विकसित होगी। साथ ही तकनीकी कौशल, समस्या समाधान की क्षमता और वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। उन्होंने नव नियुक्त कर्मशाला अधीक्षकों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि पॉलीटेक्निक संस्थानों से निकलने वाले विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी जरूरतों और रोजगार की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।

नवनियुक्त कर्मशाला अधीक्षकों में शिवानी पोखरियाल, नीलू, शिखा वर्मा, नवजोत, रवि जोशी, अरुण तोमर, नीरज कुमार डंडरियाल, अभिषेक सिंह नेगी और नीलमणि शामिल हैं। सभी को प्रदेश के विभिन्न राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में तैनाती दी गई है। कार्यक्रम में उप सचिव तकनीकी शिक्षा ब्योमकेश दुबे, निदेशक तकनीकी शिक्षा देशराज, सचिव यूबीटीआर मुकेश पांडे, संयुक्त निदेशक देवेंद्र गिरी, उप सचिव आईआरडीटी अभिषेक सिंह सहित नवनियुक्त अभ्यर्थी व उनके अभिभावक मौजूद रहे।






