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पांच दिन की बैंकिंग मांग पर लखनऊ के बैकों में ठप रहा कामकाज, दिन भर चला प्रदर्शन, गूंजे नारे

कर्मचारी संगठन बोले- पांच दिवसीय कार्यसप्ताह लागू करने की मांग करीब 12 साल से लंबित, भेदभावरहित हो PLI व्यवस्था, UFBU के आह्वान पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज प्रभावित, 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की हड़ताल का ऐलान, लखनऊ की 905 बैंक शाखाओं में करीब 10 हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल, अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

लखनऊ, 11 सितंबर 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को बैंककर्मियों ने एक दिवसीय हड़ताल की। पांच दिवसीय कार्यसप्ताह, भेदभावरहित PLI व्यवस्था समेत लंबित मांगों को लेकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज प्रभावित रहा। शहर में हजरतगंज स्थित इंडियन बैंक में फोरम के राज्य संयोजक वाईके अरोड़ा के नेतृत्व में सभा हुई। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के जोनल ऑफिस के सामने भी बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों ने प्रदर्शन किया।

12 साल से पांच दिवसीय कार्यसप्ताह की मांग

UFBU के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि बैंककर्मी अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से प्रदर्शन, काला बैज धारण करने के साथ X (ट्विटर) व पोस्टर अभियान चला रहे थे। मांगें पूरी नहीं होने पर शुक्रवार को हड़ताल की गई। बैंककर्मियों का कहना है कि रिजर्व बैंक, LIC, SEBI, NABARD समेत कई संस्थानों में पांच कार्य दिवस की व्यवस्था है, ऐसे में बैंक कर्मचारियों के लिए भी पांच दिवसीय कार्यसप्ताह लागू किया जाना चाहिए। यूनियन बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन, लखनऊ के मंत्री शशि कुमार रावत ने कहा कि यह मांग करीब 12 साल से लंबित है।

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PLI को लेकर दोहरी नीति का आरोप

प्रदर्शन में बैंक नेताओं ने PLI को लेकर सरकार की नीति पर सवाल उठाए। शशि कुमार रावत ने कहा कि एक वर्ग के लिए 365 दिन की PLI दिए जाने की व्यवस्था की जा रही है, जबकि दूसरे वर्ग को सिर्फ 15 दिन की PLI तक सीमित किया जा रहा है। उन्होंने इसे बैंकिंग व्यवस्था में कर्मचारियों व अधिकारियों के बीच भेदभाव बताया। एसके संगतानी ने सरकार से भेदभावपूर्ण PLI योजना को तुरंत स्थगित करने की मांग की।

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अधिकारियों को दिए PLI भुगतान की वापसी की मांग

प्रदर्शन में लक्ष्मण सिंह ने उन बैंकों में उच्चाधिकारियों को PLI के नाम पर किए गए लाखों रुपये के भुगतान को वापस लेने की मांग उठाई। वीके माथुर व संदीप सिंह ने द्विपक्षीय समझौते से जुड़े लंबित सभी मुद्दों का जल्द निस्तारण करने की मांग की। अशोक अग्रवाल व सचिन केशरवानी ने कहा कि बैंककर्मियों को अब सिर्फ आश्वासन नहीं, परिणाम चाहिए।

905 शाखाओं के करीब 10 हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल

UFBU के जिला मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि लखनऊ की 905 बैंक शाखाओं के करीब 10 हजार बैंककर्मी हड़ताल में शामिल रहे। इससे शहर में बैंकिंग कामकाज पर व्यापक असर पड़ा। प्रदर्शन में आरएन शुक्ला, करुणेश शुक्ला, शकील अहमद, विभाकर कुशवाहा, अभिषेक तिवारी, राकेश पाण्डेय, गौरव चौरसिया, आशुतोष वर्मा, मनीष कांत, तारकेश्वर चौहान, ललित श्रीवास्तव, आकाश शर्मा, स्वाति सिंह, अनुषा दुबे, आनंद सिंह, ईशान श्रीवास्तव, वीके श्रीवास्तव, दीपक सिंह, एमजेड हसन, शिव कुमार सिंह, बृजेश तिवारी, आशीष विश्वकर्मा समेत कई बैंक नेता शामिल रहे।

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यूनियन बैंक के जोनल ऑफिस पर भी जुटे कर्मचारी

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के जोनल ऑफिस लखनऊ के सामने हुए प्रदर्शन में एसोसिएशन के अध्यक्ष रमनजीत सिंह, अधिकारी नेता लक्ष्मण सिंह व गुरप्रीत सिंह, रवि प्रकाश, शोभित गुप्ता, अभिषेक श्रीवास्तव, अभिषेक तिवारी व ज्योति मिश्रा समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी व अधिकारी मौजूद रहे। प्रदर्शन में बैंकिंग उद्योग के कर्मचारियों व अधिकारियों के सम्मान, समानता, न्यायपूर्ण सेवा शर्तों, पांच दिवसीय कार्यसप्ताह व भेदभावरहित PLI व्यवस्था की मांग उठाई गई।

महिला बैंककर्मियों ने भी लिया हिस्सा, 28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल

हजरतगंज में हुई सभा में प्रियंका, नमिता, शिल्पी, मोनिका, प्रीति वर्मा, मानसी, भारती शर्मा, शिखा, सीमा समेत महिला बैंककर्मियों ने भी हिस्सा लिया। वक्ताओं ने कहा कि मांगों पर ठोस फैसला नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। बैंक यूनियनों ने आंदोलन का अगला चरण भी तय कर दिया है। 28, 29 व 30 सितंबर को तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो अक्टूबर के अंतिम चरण में अनिश्चितकालीन हड़ताल की दिशा में आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी दी गई है।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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