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बारिश में भी डटे रहे आयुष इंटर्न, 7,500 स्टाइपेंड पर उठाए सवाल, बोले- 25 हजार से कम मंजूर नहीं

MBBS-BDS इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ने के बाद आयुष छात्रों में नाराजगी, गांधी प्रतिमा पर बैठे छात्र, मंत्री को मौके पर बुलाने की मांग, लिखित शासनादेश मिलने तक प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान, पुलिस ने ईको गार्डन भेजा

लखनऊ, 11 सितंबर 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में आयुष इंटर्न छात्रों का स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर बारिश के बीच छात्र-छात्राएं धरने पर बैठे रहे। छात्रों की मांग है कि मौजूदा 7,500 रुपये मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया जाए। प्रदर्शनकारी आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। हालांकि पुलिस ने इन्हें ईको गार्डन भेज दिया।

बारिश बनी चुनौती, धरना नहीं छोड़ा

गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन के दौरान बारिश होती रही, लेकिन छात्र मौके से नहीं हटे। कई छात्र छाता लेकर धरने पर बैठे रहे, जबकि कुछ ने पोस्टर सिर पर रखकर बारिश से बचने की कोशिश की। प्रदर्शन में छात्रों ने अपने अंदाज में नारे लिखे पोस्टर भी लगाए। इनमें ‘मेहनत हमारी पूरी है, 25 हजार मांग जरूरी है’ जैसे नारे शामिल हैं।

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पुलिस से बातचीत, लिखित आदेश पर अड़े छात्र

प्रदर्शन के दौरान ACP समेत पुलिस के दूसरे अधिकारी छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश करते रहे। छात्रों का कहना है कि पहले भी उन्हें मांग पूरी करने का भरोसा दिया गया, लेकिन ठोस फैसला नहीं हुआ। उनका कहना है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित शासनादेश मिलने के बाद ही वे धरना खत्म करेंगे।

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2011 से 7,500 रुपये पर अटका स्टाइपेंड

छात्रों का कहना है कि वर्ष 2011 में तय हुआ 7,500 रुपये का मासिक स्टाइपेंड आज तक नहीं बढ़ाया गया। करीब 15 साल में महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है, लेकिन आयुष इंटर्न को मिलने वाली रकम वहीं की वहीं है। छात्रों के मुताबिक करीब 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मिलने वाली राशि में किराया, खाना, आने-जाने का खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है।

इंटर्नशिप में मरीजों के इलाज से जुड़ा काम

आयुष छात्रों का कहना है कि साढ़े चार साल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें एक साल की इंटर्नशिप करनी होती है। इस दौरान वे अस्पताल में मरीजों के इलाज से जुड़े काम करते हैं। इसके बावजूद स्टाइपेंड के मामले में उन्हें दूसरे मेडिकल इंटर्न से कम राशि मिल रही है। छात्रों का कहना है कि इंटर्नशिप की जिम्मेदारी होने के बाद भी 7,500 रुपये का भुगतान उनके लिए पर्याप्त नहीं है।

MBBS-BDS से तुलना कर उठाया सवाल

प्रदर्शनकारी छात्रों ने MBBS-BDS इंटर्न के बढ़े हुए स्टाइपेंड का हवाला देते हुए सरकार से समानता की मांग की है। छात्र प्रखर का कहना है कि MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड 12 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया गया है। ऐसे में आयुष इंटर्न के लिए भी 25 हजार रुपये का स्टाइपेंड तय होना चाहिए।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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