Uttarakhand

UCC के मसौदे में नई व्यवस्था, उत्तराखंड में लागू होगा निकाहनामा, अब रजिस्टर्ड मौलवी ही कराएंगे निकाह

धामी सरकार प्रारूप तैयार करने पर कर रही काम, इसमें वर-वधू की पहचान, धर्म, विवाह की तारीख, मौलवी का रजिस्ट्रेशन नंबर और गवाहों समेत जरूरी जानकारी की जाएगी दर्ज

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 2 सितम्बर 2026ः

उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के तहत निकाह और विवाह पंजीकरण व्यवस्था को और व्यवस्थित करने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार निकाहनामा का प्रारूप तैयार करने पर काम कर रही है। प्रस्ताव के मुताबिक निकाहनामा में वर-वधू की पहचान, धर्म, विवाह की तारीख, मौलवी का रजिस्ट्रेशन नंबर और गवाहों समेत जरूरी जानकारी दर्ज की जाएगी। सरकार की ओर से इस व्यवस्था का उद्देश्य विवाहों का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार करना और वर-वधू की पहचान से जुड़े दस्तावेजों को व्यवस्थित करना बताया जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में निकाह के रिकॉर्ड को संबंधित प्रशासनिक व्यवस्था और यूसीसी पोर्टल पर दर्ज किए जाने की योजना है।

निकाहनामा व्यवस्था के तहत रजिस्टर्ड या लाइसेंस प्राप्त मौलवियों की भूमिका भी निर्धारित किए जाने की तैयारी है। मौलवी के रजिस्ट्रेशन से जुड़े विवरण को निकाहनामा में दर्ज किया जाएगा, जिससे निकाह पढ़ाने वाले व्यक्ति का आधिकारिक रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहे। सरकार की ओर से निकाहनामा में वर-वधू की पहचान और अन्य जरूरी दस्तावेजों का रिकॉर्ड रखने पर जोर दिया जा रहा है।

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अधिकारियों और संबंधित पक्षों के बीच इस व्यवस्था के प्रारूप को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है। उत्तराखंड सरकार ने निकाहनामा का मसौदा तैयार करने के लिए समिति गठित की है। बताया जा रहा है कि यूसीसी का मसौदा तैयार करने वाली विशेषज्ञ समिति ही इसके प्रारूप पर काम कर रही है। समिति निकाहनामा के फॉर्मेट, पंजीकरण प्रक्रिया और मौलवियों के रजिस्ट्रेशन से जुड़े प्रावधानों पर सुझाव ले रही है।
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अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू किया जा चुका है और निकाहनामा को लेकर भी चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पूर्ण सहमति बनने के बाद जानकारी साझा की जाएगी। निकाहनामा का प्रारूप तैयार करने के लिए समिति का गठन किया गया है और अगले दो से तीन महीने में इसका प्रारूप तैयार होने की संभावना है। उनका कहना है कि निकाह और विवाह से जुड़े दस्तावेजों का व्यवस्थित रिकॉर्ड होने से भविष्य में पहचान, विवाह पंजीकरण पारिवारिक विवाद और अन्य कानूनी मामलों में रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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