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राम मंदिर के पहले CEO बने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, ऑपरेशन सिंदूर में संभाली थी वेस्टर्न कमांड की कमान

यूपी के देवरिया जनपद के गांव से है ताल्लुक, करीब चार दशक के सैन्य अनुभव के बाद अब राम मंदिर की प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था की जिम्मेदारी

अनिल निषाद

अयोध्या/लखनऊ, 2 सितंबर 2026:

अयोध्या में राम मंदिर की व्यवस्था को अब सैन्य नेतृत्व और प्रबंधन का अनुभव रखने वाला नया चेहरा मिल गया। राम मंदिर ट्रस्ट ने भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। बुधवार को अयोध्या की मणिरामदास छावनी में महंत नृत्यगोपालदास की अध्यक्षता में हुई ट्रस्ट की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। बैठक में ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ आमंत्रित सदस्य भी मौजूद रहे।

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि वह भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने वेस्टर्न कमांड की कमान संभाली थी। अब वही सैन्य अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और बड़े संगठन के संचालन का अनुभव राम मंदिर की व्यवस्था को संभालने में काम आएगा।

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भाटपाररानी क्षेत्र के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं जितेंद्र मिश्रा

श्री मिश्रा मूल रूप से देवरिया जिले के भाटपाररानी क्षेत्र के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के तौर पर कमीशन प्राप्त किया था। अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के विमानों पर उड़ान भरी और 3,000 घंटे से ज्यादा का उड़ान अनुभव हासिल किया। वह कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर भी रह चुके हैं।

एकीकृत रक्षा स्टाफ में उप प्रमुख (सिद्धांत, संगठन एवं प्रशिक्षण) जैसी अहम जिम्मेदारी भी उन्होंने संभाली है। अमेरिका और ब्रिटेन के प्रतिष्ठित रक्षा संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके मिश्रा के पास बड़े संगठनों के नेतृत्व, संचालन और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का व्यापक अनुभव है।

राम मंदिर अब निर्माण के चरण से आगे बढ़कर व्यवस्थित संचालन और बड़े धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। ऐसे में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था, कर्मचारियों का प्रबंधन, सुविधाओं का विस्तार और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय जैसी चुनौतियां नए CEO के सामने होंगी।
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भोपतपुरा के छोटे से गांव से भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के लिए अब अयोध्या में एक नई जिम्मेदारी शुरू हुई है। फाइटर पायलट से वेस्टर्न कमांडर और अब राम मंदिर के पहले CEO तक का उनका सफर अपने आप में खास है।

तीन नए सदस्यों के नामों का ऐलान, RSS से जुड़ी रहीं निर्मला यादव

बैठक में ट्रस्ट ने तीन नए सदस्यों के नामों का भी ऐलान किया। इनमें अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं। इनमें निर्मला यादव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी रही हैं। ट्रस्ट में शामिल होने के साथ ही वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य बन गई हैं। उनके शामिल होने को ट्रस्ट में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

राम जन्मभूमि-बाबरी विवाद में पैरवी करने वाली टीम का हिस्सा रहे मदन मोहन पांडेय

अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े मुकदमे में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी करने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक राम जन्मभूमि मामले से जुड़ी कानूनी दलीलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।अब उन्हें ट्रस्ट में शामिल किए जाने से कानूनी और प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद है।

महेश भागचंदका का अशोक सिंघल से रहा जुड़ाव

दिल्ली के कारोबारी महेश भागचंदका, अशोक सिंघल फाउंडेशन से जुड़े हैं। उन्होंने अशोक सिंघल के जीवन और हिंदुत्व से संबंधित कई पुस्तकें भी लिखी हैं। इनमें ‘अशोक सिंघल : हिंदुत्व के पुरोधा’, ‘बोलती अनुभूतियां’ और ‘श्री राम मंदिर काव्य यात्रा’ प्रमुख हैं। महेश भागचंदका का अशोक सिंघल से पारिवारिक संबंध भी बताया जाता है। 2020 में राम मंदिर के भूमि पूजन के दौरान वह मुख्य यजमानों में शामिल रहे थे। इसके बाद 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के धार्मिक अनुष्ठान में भी उन्होंने यजमान की भूमिका निभाई थी।

चढ़ावा चोरी मामले के बाद बदली ट्रस्ट की तस्वीर

राम मंदिर में 7 जून को चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे थे। इस मामले में 8 आरोपी जेल भेजे गए। इस बीच 2 जुलाई को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की बात सामने आई थी। इसके बाद रिटायर्ड IFS अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी दी गई थी।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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