लखनऊ, 15 फरवरी 2026:
महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवमंदिर में जल चढ़ाकर बेटों के साथ लौट रहे 25 हजार रुपये के इनामी अखिलेश त्रिपाठी को लखनऊ के गोमतीनगर से रविवार को राजस्थान पुलिस उठा ले गई। अखिलेश विशेष सुरक्षा वाहिनी में सिपाही है। गोमतीनगर के ग्वारी गांव में बेटों व अन्य लोगों के सामने हुई अपहरण जैसी घटना से हड़कंप मच गया।
जानकारी पर अखिलेश की पत्नी आराधना ने स्थानीय पुलिस से अपहरण की शिकायत की। बताया कि पति अपने दो बेटों अमोल और अगम के साथ मंदिर से लौट रहे थे तभी खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले कुछ लोग आए और उन्हें गाड़ी में बैठाकर ले गए। बच्चों के मुताबिक पूरी कार्रवाई इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग समझ ही नहीं पाए कि मामला क्या है।

सूचना मिलते ही गोमतीनगर थाने की टीम ने जांच शुरू की। शुरुआती जांच में मामला अपहरण का लग रहा था लेकिन कुछ ही देर बाद तस्वीर पलट गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार अखिलेश त्रिपाठी वर्ष 2002 के एक पुराने मामले में वांछित था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। लोकेशन ट्रेस होने पर राजस्थान पुलिस की टीम लखनऊ पहुंची और दबिश देकर उसे अपने साथ ले गई। यह खुलासा होते ही अफसरों ने राहत की सांस ली।
अखिलेश त्रिपाठी मायावती सरकार के दौरान गठित विशेष सुरक्षा वाहिनी में तैनात था। उसकी जिम्मेदारी स्मारकों की सुरक्षा की थी। इन दिनों उसकी ड्यूटी आंबेडकर पार्क में बताई जा रही थी। अपहरण की आशंका से अखिलेश का परिवार दहशत में था लेकिन पड़ताल में सच्चाई सामने आ गई।






