Uttar Pradesh

ब्रज में इतिहास का हाई-टेक अवतार : आर्य गुरुकुल म्यूजियम बनेगा नई पीढ़ी का एजुकेशनल हब

म्यूजियम 80 फीसदी तैयार, इमर्सिव लर्निंग और इंटरैक्टिव डिस्प्ले होंगे मुख्य आकर्षण, वेदों की ओर लौटो' का देगा संदेश, विजुअल स्टोरीटेलिंग में सजेगा आर्य इतिहास, सत्य, धर्म और सेवा का संदेश देता संग्रहालय

लखनऊ/आगरा, 15 फरवरी 2026:

उत्तर भारत का आधुनिक आर्य गुरुकुल म्यूजियम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज में बन रहा यह संग्रहालय नई तकनीक से लैस होगा जहां इतिहास सिर्फ पढ़ने की चीज नहीं रहेगा बल्कि इमर्सिव लर्निंग, विजुअल स्टोरीटेलिंग और इंटरैक्टिव डिस्प्ले के जरिए महसूस किया जाएगा। 24.45 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह उत्तर प्रदेश का पहला आर्य गुरुकुल म्यूजियम लगभग 80 फीसदी पूरा हो चुका है। तय समय में इसे जनता के लिए खोलने की तैयारी है।

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने हालिया समीक्षा बैठक में कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह म्यूजियम अतीत की विरासत और भविष्य की संभावनाओं के बीच एक सशक्त सेतु बनेगा। उनके मुताबिक अब सिर्फ ताजमहल ही नहीं बल्कि आर्य गुरुकुल म्यूजियम भी वैश्विक स्तर पर ब्रज क्षेत्र की नई पहचान बनेगा।

Braj's High-Tech History Future of Learning Awaits (2)

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म्यूजियम के भीतर अलग-अलग थीम जोन तैयार किए गए हैं। उनमें स्थापना और शुरुआती दौर, संस्थापकों व स्थानीय नेताओं का योगदान, आजादी की लड़ाई में भूमिका, सिद्धांत व विचारधारा, योग की अहमियत और आज के दौर में उसकी प्रासंगिकता को रोचक तरीके से पेश किया जाएगा। हर उम्र के दर्शक यहां अपनी गति से सीख सकेंगे। कहीं टच-स्क्रीन डिस्प्ले तो कहीं मल्टीमीडिया प्रेजेंटेशन इतिहास को जीवंत बनाएंगे।

परियोजना के भौतिक ढांचे का बड़ा हिस्सा तैयार हो चुका है। एम्फीथिएटर, हेलीपैड, फायर फाइटिंग सिस्टम और कई ब्लॉकों का निर्माण पूरा है, जबकि फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है। बाहरी इलेक्ट्रिफिकेशन, ट्यूबवेल और अंडरग्राउंड सम्प पर काम जारी है। आने वाले दिनों में सीसी रोड, हॉर्टिकल्चर, तालाब विकास, फ्लोटिंग मल्टीमीडिया और सीसीटीवी जैसे कार्य भी शुरू होंगे। इससे परिसर को सुरक्षित और दर्शकों के लिए सुविधाजनक बनाया जा सके।

Braj's High-Tech History Future of Learning Awaits (1)

इस म्यूजियम की खास बात इसके पांच पिलर हैं। ईश्वर को सच्चे ज्ञान का स्रोत मानना, वेदों के अनुसार सही सोच और जीवन-पथ अपनाना, सत्य और धर्म पर अडिग रहना, पूरी मानवता की उन्नति का लक्ष्य रखना और सबके साथ प्रेम, सम्मान व न्यायपूर्ण व्यवहार करना। ये सिद्धांत प्रदर्शनों के माध्यम से समझाए जाएंगे, ताकि आगंतुक केवल जानकारी न लें, बल्कि मूल्य भी आत्मसात करें।

समीक्षा में फिरोजाबाद के ग्लास म्यूजियम, मैनपुरी के कल्चरल सेंटर और सामौर बाबा मंदिर कॉम्प्लेक्स जैसी परियोजनाओं की प्रगति भी देखी गई। आर्य गुरुकुल म्यूजियम सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि उस चेतना की कहानी सुनाएगा जिसने समाज में शिक्षा, समानता और तर्कशील सोच को मजबूत किया। आधुनिक तकनीक और नवाचार के सहारे यह म्यूजियम नई पीढ़ी के लिए एक ऐसा एजुकेशनल हब बनेगा, जहां इतिहास जाना ही नहीं जाएगा अपितु महसूस भी किया जाएगा।

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