विकास गोंड
वाराणसी, 20 मई 2026:
वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का गुस्सा बुधवार को खुलकर सामने आ गया। परीक्षा परिणामों में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के विरोध में बड़ी संख्या में छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा देने के बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को परिणाम में एब्सेंट दिखा दिया जाता है। इससे उनका पूरा शैक्षणिक भविष्य संकट में पड़ रहा है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि यह कोई नई समस्या नहीं है बल्कि कई वर्षों से लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं। विद्यार्थियों का आरोप है कि उन्होंने नियमित रूप से परीक्षा दी। उत्तर पुस्तिकाएं जमा कीं लेकिन रिजल्ट जारी होने पर उन्हें अनुपस्थित दिखा दिया गया। इससे छात्रों को मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और प्रतियोगी परीक्षाओं व नौकरी के अवसरों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रों ने परीक्षा से जुड़ी एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि संबंधित एजेंसी लंबे समय से विश्वविद्यालय परिसर के बाहर रहकर काम कर रही है। इसके चलते पारदर्शिता खत्म हो गई है और लगातार तकनीकी व प्रशासनिक गड़बड़ियां बढ़ती जा रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि परीक्षा और परिणाम से जुड़ा पूरा कार्य दोबारा विश्वविद्यालय परिसर के अंदर संचालित कराया जाए जिससे छात्रों को बार-बार परेशानियों का सामना न करना पड़े।

धरने पर बैठे छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। छात्रों का कहना था कि यह लड़ाई किसी एक छात्र की नहीं बल्कि हजारों विद्यार्थियों के भविष्य और अधिकारों की है। धरना प्रदर्शन में शिवम् यादव, अश्विनी पटेल, नितेश यादव, आयुष यादव, जन्नत अख्तर, अंकित यादव, सोनू कुमार, प्रिन्स, विवेक, पवन, विकास, यश, आर्यन, सौरभ सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।






