UP News : बरेली पहुंचे योगी, ग्राम प्रहरियों को सौगात तो दंगाइयों को दी संपत्ति गंवाने की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2500 से बढ़ाकर 3500 रुपये किया, परिवार सहित सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने का ऐलान, शिक्षक सम्मेलन में बोले, यूपी में अब उपद्रव नहीं उत्सव की पहचान, साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा, शिक्षा व्यवस्था में भर्ती प्रक्रिया से लेकर स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं तक का जिक्र, भाजपा प्रत्याशी हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में मांगे वोट

बरेली, 13 अक्टूबर 2026:
उत्तर प्रदेश के बरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को दो अलग-अलग कार्यक्रमों में कानून-व्यवस्था, ग्रामीण सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार सहित सरकार की योजनाओं को लेकर अपनी बात रखी। पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मासिक मानदेय 1000 रुपये बढ़ाकर 3500 रुपये करने की घोषणा की। साथ ही ग्राम प्रहरियों व उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने की बात कही। वहीं, बरेली क्लब ग्राउंड में शिक्षक सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने दंगाइयों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अब दंगा करने वालों को अपने बाप-दादाओं की कमाई से भी हाथ धोना पड़ सकता है। भाजपा के शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में आयोजित सम्मेलन में उन्होंने शिक्षा, भर्ती प्रक्रिया, शिक्षकों की सुविधाओं सहित प्रदेश की अर्थव्यवस्था का भी जिक्र किया।

ग्राम प्रहरियों को हर महीने मिलेंगे 3500 रुपये
पुलिस लाइन में ग्राम प्रहरियों के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक ग्राम प्रहरियों को 2500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। इसमें 1000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले से प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना 12 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। वर्ष 2017 में उनका मानदेय 1500 रुपये था, जिसे 2019 में बढ़ाकर 2500 रुपये किया गया था। अब इसे बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की गई है।
परिवार को भी पांच लाख तक कैशलेस इलाज
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों के साथ उनके परिवारों को भी सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने जा रही है। इसके तहत बीमारी की स्थिति में परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य कवर के जरिए उपचार मिल सकेगा। इस घोषणा से ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाले ग्राम प्रहरियों को आर्थिक सहायता के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा देने की योजना है।

गांव में सीसीटीवी कैमरे जैसी भूमिका निभाएं ग्राम प्रहरी
योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों से कहा कि वे गांव में सीसीटीवी कैमरे की तरह सजग रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें। उनका काम किसी से भिड़ना या खुद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि विश्वसनीय सूचना समय पर पुलिस तक पहुंचाना है। कोई संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर उसकी जानकारी थानाध्यक्ष या क्षेत्र के दरोगा को दी जाए, ताकि पुलिस उसकी जांच कर जरूरी कदम उठा सके। थानाध्यक्ष या क्षेत्र का दरोगा सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक करे। इन बैठकों में गांव की समस्याओं, संदिग्ध गतिविधियों सहित सुरक्षा से जुड़े मामलों पर चर्चा हो। जिन जगहों पर ग्राम प्रहरी के पद खाली हैं, वहां नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। उन्होंने पुलिस व ग्राम प्रहरियों के बीच नियमित संवाद को भी जरूरी बताया।
वन्यजीवों के खतरे से लेकर भू-माफिया तक पर नजर रखने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम प्रहरियों की एक सूचना किसी बड़ी अनहोनी को टाल सकती है। उन्हें गांव में फैलने वाली अफवाहों, वन्यजीवों से जुड़े खतरों सहित भू-माफिया की गतिविधियों पर भी नजर रखनी चाहिए। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों में वन्यजीवों से जुड़ी घटनाओं की आशंका रहती है। ऐसे मामलों में ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ प्रशासन को समय पर सूचना देना अहम है। उन्होंने बताया कि बिजनौर में 40 से अधिक तेंदुओं को रेस्क्यू किया गया है। बहराइच में बरसात के दौरान लकड़बग्घों के हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसी परिस्थितियों में ग्राम प्रहरियों की सतर्कता से लोगों को समय रहते सावधान किया जा सकता है।

2017 से पहले सत्ता में बैठे लोग ही करते थे लूट-खसोट
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय सत्ता में बैठे लोग ही लूट-खसोट में शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिनसे जनता को सुरक्षा की उम्मीद थी, वही अपराधों में शामिल थे या अपराधियों को संरक्षण देते थे। ऐसे माहौल में पुलिस भी कई बार मौन रहती थी। अब प्रदेश में अपराधियों के मन में कानून का डर है। लूट, चेन स्नेचिंग या महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में अपराध करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था में बदलाव से लोगों का भरोसा बढ़ा है।
नवरात्रि में मंदिरों में भीड़, अब उपद्रव नहीं उत्सव की पहचान
शारदीय नवरात्रि की तृतीया पर मां चंद्रघंटा को नमन करते हुए योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले पर्व-त्योहारों के दौरान अशांति की आशंका बनी रहती थी। अब प्रदेश में लोग सुरक्षित माहौल में त्योहार मना रहे हैं। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, जबकि हजारों स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडालों में आयोजन हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश की पहचान अब उपद्रव से नहीं, उत्सव से है। उनके मुताबिक, प्रदेश के लोगों को अब दूसरे राज्यों में अपनी पहचान छिपाने की जरूरत नहीं पड़ती। कानून-व्यवस्था बेहतर होने से कारोबार, निवेश और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिला है।

11 ग्राम प्रहरियों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट काम करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को साफा पहनाकर सम्मानित किया। इनमें बरेली के फरीदपुर से राजवीर सिंह, सिरौली से कुंवर पाल सिंह, बहेड़ी से राम राठौर, पीलीभीत के सुनगढ़ी से राजेंद्र वाल्मीकि, शाहजहांपुर के पुवायां से कमलेश, मुरादाबाद के कांठ से कमलेश सिंह सैनी, बिजनौर शहर कोतवाली से राजेश सैनी, संभल के हजरतनगर गढ़ी से अनिल वाल्मीकि, रामपुर के टांडा से ध्यान सिंह चौहान, शाहबाद से प्रकाश सहित अमरोहा के नौगावां सादात से तेजपाल प्रजापति शामिल रहे। सभी को गिफ्ट हैम्पर भी दिए गए। कार्यक्रम में ग्राम प्रहरियों के योगदान पर एक लघु फिल्म दिखाई गई।
शिक्षक सम्मेलन में बोले- दंगा करने वाले जेल में उर्स मना रहे
बरेली क्लब ग्राउंड में भाजपा के शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में आयोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दंगा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि बरेली में पहले पर्व-त्योहारों के दौरान दंगे होते थे, जबकि अब दंगा करने वाले जेल में उर्स मना रहे हैं। उनका इशारा मौलाना तौकीर रजा की ओर था। योगी ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों की सोच बदली है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकार में अपराधियों, दंगाइयों सहित फिरौती वसूलने वालों को संरक्षण मिलता था। अब माफिया के खिलाफ कार्रवाई होने पर विपक्ष के नेताओं को परेशानी होती है।
शिक्षक कर्मचारी नहीं, राष्ट्र के निर्माता हैं
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि शिक्षक केवल सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि राष्ट्र व युग निर्माता हैं। उनके सम्मान, स्वास्थ्य सहित सुविधाओं की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षा व्यवस्था की हालत खराब थी, लेकिन शिक्षकों ने मुश्किल परिस्थितियों में भी बच्चों की पढ़ाई जारी रखी। बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा सहित स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी गई है। शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइये भी इस सुविधा से जुड़े हैं। माध्यमिक शिक्षकों को 80 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक का बीमा कवर दिए जाने की बात कही। रसोइयों को पांच लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य कवर व दो लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा देने का भी जिक्र किया। राज्य शिक्षक पुरस्कार की राशि व पुरस्कारों की संख्या बढ़ाने की जानकारी भी दी।
सपा सरकार में चयन बोर्ड पर परिवारवाद का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 में बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1.60 लाख से अधिक पद खाली थे। उनके मुताबिक, सरकार ने साढ़े छह साल में इतने ही शिक्षकों की भर्ती पारदर्शी तरीके से की। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान चयन बोर्ड में परिवार के सदस्यों व रिश्तेदारों को बैठाकर नियुक्तियों की प्रक्रिया प्रभावित की जाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब योग्य युवाओं को बिना भेदभाव नौकरी देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में तेजी का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्य परीक्षा 14 दिन में पूरी करने के बाद अगले 14 दिन में परिणाम घोषित करने की व्यवस्था है, जबकि पहले परिणाम के लिए छह महीने तक इंतजार करना पड़ता था।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा का सुदृढ़ वातावरण बनाने एवं अपराध नियंत्रण व पुलिस-जनसहयोग में ग्राम प्रहरियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर आज प्रदेश के 68,000 ग्राम प्रहरियों के सम्मान हेतु जनपद बरेली में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ।
इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम प्रहरियों को सम्मानित भी किया।
समस्त लाभार्थियों को हार्दिक बधाई।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 13, 2026
स्मार्ट क्लास से डिजिटल लाइब्रेरी तक, ग्रामीण छात्रों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प व प्रोजेक्ट अलंकार के तहत काम किया जा रहा है। स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी सहित अटल टिंकरिंग लैब के जरिए ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की कोशिश हो रही है। सरकार का लक्ष्य है कि गांव के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा के साथ तकनीक सीखने के अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि संभल में 68 तीर्थों व 19 कूपों के पुनर्जीवन की दिशा में काम किया जा रहा है। बरेली की नाथ नगरी के रूप में पहचान का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व विकास से जुड़े प्रयास प्रदेश की तस्वीर बदल रहे हैं।
साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उनके मुताबिक, इस अवधि में प्रदेश की अर्थव्यवस्था व प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी है। उन्होंने बताया कि शाहजहांपुर में स्वामी सुखदेवानंद विश्वविद्यालय, मुरादाबाद में गुरु जंभेश्वर के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। भदोही व कुशीनगर में भी विश्वविद्यालय दिए गए हैं। सरकार एक जिला, एक विश्वविद्यालय की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने शिक्षक मतदाताओं से 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान में हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी हरि सिंह ढिल्लो के पक्ष में वोट मांगते हुए उन्हें शिक्षकों के लिए सहज उपलब्ध रहने वाला नेता बताया।
सुरेश खन्ना बोले, शिक्षक चुनाव से मिलेगा सियासी संकेत
सम्मेलन में वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि शिक्षक एमएलसी चुनाव विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षित वर्ग में भाजपा की लोकप्रियता का संकेत देगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने छह करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने शिक्षकों के हित में कई काम किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी के विकास कार्य दिखाई नहीं देते। उन्होंने हरि सिंह ढिल्लो को शिक्षकों के लिए सहज उपलब्ध रहने वाला प्रत्याशी बताया। दोनों कार्यक्रमों में कई मंत्री व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।






