UP News: खेती में बदलाव को योगी ने बताया अपनी सरकार की उपलब्धि, कृषि विकास दर 18% पहुंचने का दावा
2017 के बाद कृषि क्षेत्र में बदलाव का सीएम योगी ने रखा रिपोर्ट कार्ड, धान खरीद में 80 लाख से अधिक किसानों को मिला लाभ, खाद्यान्न उत्पादन में देश की कुल हिस्सेदारी 21 फीसदी होने का दावा

लखनऊ, 10 अक्टूबर 2026:
यूपी में कृषि क्षेत्र में आए बदलाव को सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में पेश किया है। उन्होंने वर्ष 2017 के बाद खेती-किसानी में हुए परिवर्तन का उल्लेख करते हुए अन्नदाता किसान को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार बताया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार किसानों को बीज से लेकर बाजार तक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उनके मुताबिक कृषि विकास दर में वृद्धि से लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद और सीधे खाते में भुगतान तक, कृषि क्षेत्र में कई अहम बदलाव हुए हैं।
8 से 18 फीसदी पहुंची कृषि विकास दर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया है। उनके अनुसार, देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत है जबकि प्रदेश की कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है। दुग्ध, गन्ना और गेहूं उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है।
80 लाख किसानों से खरीदा 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान
धान खरीद के आंकड़ों को सरकार की किसान हितैषी नीतियों का प्रमुख उदाहरण बताते हुए योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच प्रदेश में 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान खरीदा गया। इसके एवज में किसानों को 1,03,833 करोड़ रुपये से अधिक का सीधा भुगतान किया गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस बार धान के समर्थन मूल्य में 71 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। सरकार का जोर किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर है।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार आज अन्नदाता किसान को बीज से लेकर बाजार तक की सुविधा उपलब्ध करा रही है।
वर्ष 2017 से पहले जो अन्नदाता किसान कर्ज, बदहाली और लाचारी में डूबा रहता था, बिचौलियों के चक्कर लगाने को मजबूर था, आज वही अन्नदाता किसान कर्ज से मुक्त होकर उन्नत बीज, सिंचाई, और DBT के माध्यम से MSP एवं पीएम सम्मान निधि का लाभ ले रहा है।
आज दशकों से लटकी सिंचाई परियोजनाएं पूर्ण हुई हैं। प्रदेश, देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत का योगदान कर रहा है। कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई है। दुग्ध, गन्ना, गेहूं आदि के उत्पादन में यूपी, देश में प्रथम स्थान पर है।
अन्नदाता किसान की मेहनत का सम्मान करते हुए एवं उसकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करते हुए वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच प्रदेश में 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की गई और ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का सीधा भुगतान किया गया। उसी प्रतिबद्धता के साथ इस बार भी धान के समर्थन मूल्य में ₹71 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
डबल इंजन सरकार के लिए अन्नदाता किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार हैं। इसीलिए अन्नदाता किसान के अधिकार की रक्षा और उसकी खुशहाली हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 10, 2026
बीज, सिंचाई और डीबीटी पर सरकार का जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले किसान कर्ज, बदहाली और बिचौलियों पर निर्भरता जैसी समस्याओं से जूझते थे। अब किसानों को उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाओं, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), एमएसपी और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसान के अधिकारों की रक्षा और उसकी खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार के मुताबिक कृषि क्षेत्र में सुधार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं है। इसके साथ किसान की आय, सम्मान और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना भी है।






