लखनऊ, 9 अप्रैल 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को हथकरघा विभाग की समीक्षा बैठक में बुनकरों के समग्र विकास को लेकर बड़ा विजन पेश किया। उन्होंने कहा कि बुनकर केवल परंपरा के संवाहक नहीं अपितु प्रदेश की अर्थव्यवस्था के मजबूत स्तंभ हैं। इसलिए उनकी आय, सम्मान और आजीविका की स्थिरता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बुनकरों के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों कच्चे माल की बढ़ती लागत, आधुनिक डिजाइन व तकनीक का अभाव और सीमित बाजार पहुंच को चिन्हित करते हुए इनके समाधान के लिए समन्वित और परिणामोन्मुख कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने क्लस्टर आधारित मॉडल को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि बुनकर बहुल क्षेत्रों की पहचान कर वहां ऐसे क्लस्टर विकसित किए जाएं जो उत्पादन के साथ-साथ पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करें।
समीक्षा में बताया गया कि उत्तर प्रदेश में करीब 1.99 लाख बुनकर कार्यरत हैं। राज्य इस क्षेत्र में देश में छठवें स्थान पर है। कालीन, दरी और मैट उत्पादन में प्रदेश अग्रणी है। बेडशीट, फर्निशिंग और ब्लैंकेट में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराता है। वर्ष 2024-25 में देश के कुल हथकरघा निर्यात ₹1178.93 करोड़ में से ₹109.40 करोड़ (लगभग 9.27 प्रतिशत) का योगदान उत्तर प्रदेश का रहा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि हर क्लस्टर को केवल उत्पादन केंद्र न बनाकर डिजाइन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन से जोड़ते हुए एकीकृत ढांचे के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए क्लस्टर चयन, बेसलाइन सर्वे, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही, सीमित संख्या में बुनकरों को संगठित कर पंजीकृत इकाइयों के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया गया।
डिजाइन और मार्केटिंग को सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने डिजाइनर-कम-मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव तथा डिजाइन हाउस, सोर्सिंग-बाइंग एजेंसी व एक्सपोर्ट हाउस जैसे संस्थागत ढांचे को लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स के माध्यम से बुनकरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने की आवश्यकता भी रेखांकित की।
पॉवरलूम बुनकरों के लिए बिजली लागत कम करने पर भी मुख्यमंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने हथकरघा विभाग और पॉवर कॉर्पोरेशन को मिलकर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। साथ ही सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की बात कही जिससे बुनकरों को दीर्घकालिक राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतुलित, पारदर्शी और व्यावहारिक नीति के जरिए बुनकरों को वास्तविक लाभ पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री राकेश सचान भी मौजूद रहे।






