‘योगी की पाती’ में नारी शक्ति का बड़ा संदेश : किसी बहन की आवाज बनें, किसी बेटी की पढ़ाई में करें मदद
शारदीय नवरात्रि पर सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से किया आह्वान, बोले- मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से ही साकार होगा विकसित यूपी का संकल्प, मिशन शक्ति से महिला पुलिस बल तक गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

लखनऊ, 12 अक्टूबर 2026:
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम ‘योगी की पाती’ लिखकर नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन का संदेश दिया है। उन्होंने मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय का उल्लेख करते हुए कहा कि अहंकार, दुराग्रह और नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विनम्रता, साहस, संकल्प, न्याय और धर्म की विजय ही नवरात्रि का मूल भाव है। योगी ने लोगों से अपील की कि वे किसी बहन की सुरक्षा के लिए उसकी आवाज बनें, किसी बालिका की शिक्षा में सहयोग करें और किसी महिला के आत्मनिर्भर बनने की राह में उसका संबल बनें।
‘शक्ति और संकल्प से ही प्रभावी होती है सज्जनता’
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों और उनके द्वारा दानवों के संहार का उल्लेख करते हुए कहा कि मां की आराधना केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। यह समाज को अन्याय और नकारात्मकता के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा भी देती है। उन्होंने लिखा कि जब समाज ऐसी प्रवृत्तियों से संघर्ष करता है तब नवरात्रि हमें याद दिलाता है कि सज्जनता तभी प्रभावी होती है, जब उसमें शक्ति और संकल्प का सामर्थ्य हो।
सीएम योगी ने प्रभु श्रीराम द्वारा लंका विजय से पहले मां जगतजननी की साधना का प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की आराधना साहस, आत्मविश्वास और धर्म की विजय का प्रतीक है। यही भाव मातृशक्ति और पूरे समाज को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प का आधार होना चाहिए।
मिशन शक्ति से महिला सशक्तीकरण तक का जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज आस्था, संस्कृति और परंपरा के पुनर्जागरण का सशक्त केंद्र बन रहा है। मां विंध्यवासिनी, मां पाटेश्वरी और मां शाकुम्भरी जैसे प्रमुख शक्तिपीठों में नवरात्रि के दौरान उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ और युवाओं की बढ़ती सहभागिता इस बात का संकेत है कि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जुड़ रही है।
महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने वर्ष 2020 में शारदीय नवरात्रि के दौरान मिशन शक्ति अभियान की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य नारी सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को जनभागीदारी से जोड़ना था। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस बल में 44,000 से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
महिषासुरमर्दिनी की विजय और शक्ति की आराधना के पावन पर्व शारदीय नवरात्र पर आप सभी को हृदय से मंगलकामनाएं।
अहंकार, दुराग्रह, आसक्ति और बढ़ती नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विनम्रता, साहस, शक्ति, संकल्प, न्याय और धर्म की विजय का भाव ही मां के नौ स्वरूपों में निहित है। आज भी जब समाज ऐसी प्रवृत्तियों से संघर्ष करता है, तब नवरात्र हमें स्मरण कराता है कि सज्जनता तभी प्रभावी होती है, जब उसमें शक्ति और संकल्प का सामर्थ्य हो।
उत्तर प्रदेश आज आस्था, संस्कृति और परंपरा के पुनर्जागरण का सशक्त केंद्र बन रहा है। इसी चेतना को सार्थक बनाने के लिए बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर दिए जा रहे हैं।
आइए, नवरात्र के इस पावन अवसर पर उपासना एवं उपवास के साथ एक संकल्प यह भी लें कि किसी बहन की सुरक्षा के लिए उसकी आवाज बनेंगे, किसी बालिका की शिक्षा में सहयोग करेंगे और किसी महिला के आत्मनिर्भर बनने की राह में उसका संबल बनेंगे।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 12, 2026
एक करोड़ से अधिक महिलाओं के स्वावलंबन का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने वीरांगनाओं ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई कोरी और रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर गठित तीन महिला पीएसी बटालियनों का भी जिक्र किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना को बालिकाओं की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को प्रोत्साहित करने वाला कदम बताया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर एक करोड़ से अधिक महिलाएं स्वावलंबन की नई गाथा लिख रही हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि आदिशक्ति की आराधना तभी पूर्ण होगी जब प्रदेश की मातृशक्ति सुरक्षित, सम्मानित और स्वावलंबी बनेगी। इसी संकल्प से विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।






