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जीरो पावर्टी अभियान: उत्तर प्रदेश सरकार की गरीबी हटाने के लिए एक सार्थक पहल

लखनऊ,17 फरवरी 2025:

उत्तर प्रदेश सरकार ने “जीरो पावर्टी” अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य राज्य को भारत का पहला “जीरो पावर्टी” राज्य बनाना है। इस योजना के तहत, सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत से सबसे गरीब 10 से 25 परिवारों की पहचान की जाए और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।

अभियान का उद्देश्य
• गरीब परिवारों की पहचान: हर ग्राम पंचायत में सबसे गरीब परिवारों को चिन्हित करना।
• सहायता प्रदान करना: चयनित परिवारों को खाद्य सामग्री, कपड़े, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, आवास सुविधाएं और स्थिर आय के स्रोत उपलब्ध कराना।

योग्यता और आवेदन प्रक्रिया
योग्यता
:
• जिन परिवारों के पास स्थायी आवास नहीं है या जो कच्चे घरों में रहते हैं।
• भूमि रहित परिवार जो कृषि पर निर्भर हैं।
• दैनिक मजदूरी करने वाले परिवार जो अनिश्चित और अस्थिर आय का सामना कर रहे हैं।
• आर्थिक संसाधनों की कमी वाले परिवार जो हमेशा खाने और पहनने में तंगी का सामना करते हैं।

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आवेदन प्रक्रिया:

  1. पहला स्तर: ‘Mop-up’ मोबाइल ऐप के माध्यम से गरीब परिवारों की पहचान की जाएगी। इसमें उपरोक्त चार मानदंडों के आधार पर डेटा एकत्र किया जाएगा।
  2. दूसरा स्तर: एक ग्राम स्तरीय समिति बनाई जाएगी जिसमें ग्राम प्रधान, पूर्व ग्राम प्रधान, स्थानीय स्कूल के प्रधान और स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिति चयन प्रक्रिया की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी।
  3. तीसरा स्तर: समिति द्वारा सिफारिशों के बाद, एक डिजिटल प्रणाली के माध्यम से परिवारों को स्वचालित रूप से संवेदनशीलता रेटिंग दी जाएगी।

लाभ और सरकारी योजनाएं
चिन्हित परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा, जैसे:
• राशन कार्ड: खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए।
• आवास योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत सहायता।
• शिक्षा सहायता: स्कूल में प्रवेश, यूनिफॉर्म और पाठ्यपुस्तकों का प्रावधान।
• स्वास्थ्य सेवाएं: आयुष्मान भारत बीमा योजना और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से चिकित्सा सुविधाएं।
• कौशल विकास: कौशल विकास पहलों और रोजगार लाभों तक पहुंच।

निष्कर्ष
“जीरो पावर्टी” अभियान उत्तर प्रदेश में गरीबी उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल गरीब परिवारों को सीधे लाभ पहुंचाने का कार्य करेगा बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी विभिन्न संसाधनों और अवसरों से जोड़ने का प्रयास करेगा। इस योजना का सफल कार्यान्वयन अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकता है।

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