नई दिल्ली, 3 जून 2026:
देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर के हौजरानी इलाके में बुधवार सुबह एक होटल-रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग ने 21 लोगों की जान ले ली, जबकि 37 लोग घायल हो गए। हादसा लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट एवं होटल में हुआ जहां आग लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक यह आग कई जिंदगियों को निगल चुकी थी।
दिल्ली पुलिस के अनुसार मृतकों में अधिकांश विदेशी नागरिक हैं। बताया जा रहा है कि होटल में कई विदेशी पर्यटक ठहरे हुए थे। साकेत स्थित मैक्स अस्पताल के आसपास बड़ी संख्या में विदेशी मरीज और उनके परिजन आते हैं। इसके चलते इस इलाके में कई होटल और गेस्ट हाउस संचालित हैं।

हादसे के बाद सामने आई शुरुआती जानकारी ने प्रशासनिक लापरवाही और नियमों के उल्लंघन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार होटल को केवल छह कमरे बनाने की अनुमति मिली थी लेकिन परिसर में अवैध रूप से करीब 25 कमरे तैयार कर दिए गए थे। जांच एजेंसियां अब इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने हादसे को और भयावह तो नहीं बना दिया।
मालवीय नगर के विधायक सतीश उपाध्याय के मुताबिक आग सुबह 8:51 बजे लगी और कुछ ही मिनटों में राहत एवं बचाव एजेंसियां सक्रिय हो गईं। बीएसईएस ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद की जबकि पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर 47 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि घायलों में 7 से 8 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। 20-21 लोगों की मौत होने की सूचना है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य में जुटी एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर शोक जताया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। वहीं कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी घटना को हृदयविदारक बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और पार्टी कार्यकर्ताओं से पीड़ितों की मदद करने की अपील की।

फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है लेकिन यह हादसा राजधानी में अग्नि सुरक्षा और भवन नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल छोड़ गया है।






