लखनऊ, 9 जून 2026:
यूपी के रजिस्ट्री कार्यालयों की तस्वीर जल्द ही पूरी तरह बदल सकती है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि प्रदेश के उप निबंधक कार्यालयों को चरणबद्ध तरीके से पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर विकसित किया जाए जिससे नागरिकों को आधुनिक, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रजिस्ट्री कार्यालय आम जनता के सीधे संपर्क वाले महत्वपूर्ण कार्यालय हैं। ऐसे में यहां की व्यवस्थाएं नागरिक केंद्रित, सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित होना समय की मांग है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के रजिस्ट्री कार्यालयों में हर वर्ष करीब 2.4 करोड़ लोगों का सीधा संपर्क होता है। इसे देखते हुए हेल्प डेस्क, टोकन एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम, आधुनिक प्रतीक्षालय, महिला एवं शिशु कक्ष तथा डिजिटल सुविधाओं को तेजी से विकसित किया जा रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि लोगों को रजिस्ट्री कार्यों के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा और असुविधा का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने विभागीय सुधारों में डिजिटल गवर्नेंस को सबसे महत्वपूर्ण आधार बताते हुए आधार प्रमाणीकरण, बायोमीट्रिक और आईरिस सत्यापन, ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन तथा खतौनी आधारित डिजिटल जांच जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
बैठक में विभाग की उल्लेखनीय प्रगति भी सामने आई। वर्ष 2016-17 में स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग की सकल आय 11,613.84 करोड़ रुपये थी। यह वर्ष 2025-26 में बढ़कर 32,598.49 करोड़ रुपये हो गई। वहीं पंजीकृत लेखपत्रों की संख्या 28.25 लाख से बढ़कर 49.34 लाख से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व वृद्धि के साथ सेवा गुणवत्ता और नागरिक संतुष्टि भी विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने पेपरलेस रजिस्ट्रेशन, अभिलेखों के डिजिटाइजेशन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कार्यप्रणाली और जियो-टैगिंग व्यवस्था को तेजी से लागू करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि तकनीक के अधिक उपयोग से पारदर्शिता बढ़ेगी, संपत्ति संबंधी विवाद कम होंगे और राजस्व अपवंचन पर प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने संपत्तियों के मूल्यांकन में एकरूपता लाने के लिए मानकीकृत मूल्यांकन प्रणाली विकसित करने के भी निर्देश दिए।
इसके साथ ही कॉरपोरेट पुनर्गठन, विलय, अधिग्रहण, एलएलपी, आवासीय सहकारी समितियों और रेरा से जुड़े मामलों में स्पष्ट एवं व्यावहारिक स्टाम्प शुल्क व्यवस्था तैयार करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर और स्पष्ट कानूनी ढांचा निवेशकों का विश्वास बढ़ाएगा। यह मुकदमेबाजी घटाएगा और उत्तर प्रदेश को निवेश तथा कारोबार के लिए और अधिक आकर्षक बनाएगा।






