योगेंद्र मलिक
उधमसिंह नगर, 10 जून 2026ः
उत्तराखंड में स्पेशल टास्क फोर्स ने काशीपुर क्षेत्र में छापेमारी के दौरान एक कार से भारी मात्रा में अवैध हथियारों का जखीरा बरामद किया। अवैध हथियारों और फर्जी लाइसेंस धारकों के विरुद्ध चल रही कार्रवाई के क्रम में यह अब तक की बड़ी बरामदगी मानी जा रही है।
एसटीएफ की कुमाऊं यूनिट और ऊधमसिंहनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने काशीपुर के कटोराताल क्षेत्र में छापेमारी करते हुए एक कार को कब्जे में लिया। तलाशी के दौरान वाहन से एक सेमी ऑटोमैटिक राइफल, एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, एक रिवाल्वर, 237 कारतूस, चार मैगजीन और सात फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए।
जांच में पता चला कि बरामद हथियार, कारतूस, कूटरचित लाइसेंस और कार काशीपुर निवासी सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल और दीप्ति अग्रवाल से संबंधित हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि राज्य में फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के मामलों की जांच जारी है। अब तक इस संबंध में विभिन्न जनपदों में तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इन मामलों में पहले भी पांच अवैध शस्त्र और कई फर्जी लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं।
एसएसपी ने बताया कि 9 जून की रात एसटीएफ को गोपनीय सूचना मिली थी कि काशीपुर के कटोराताल क्षेत्र में खड़ी एक कार में बड़ी मात्रा में अवैध हथियार रखे गए हैं। इसके बाद एसटीएफ और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान कार को कब्जे में लेकर उसकी तलाशी ली गई, जिसमें हथियारों और कारतूसों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
जांच एजेंसियों का मानना है कि बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर उत्तराखंड में हथियारों को वैध दिखाने का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय रहा है। ऐसे लोग फर्जी लाइसेंसों के आधार पर हथियारों का इस्तेमाल कर रहे थे और बाद में उन्हें वैध बनाने की कोशिश भी की जा रही थी। एसटीएफ ने ऐसे सभी संदिग्ध लाइसेंस धारकों को अपने रडार पर लिया है।
अजय सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में अन्य राज्यों से स्थानांतरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों और उनके धारकों का सत्यापन अभियान जारी है। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस हैं, वे स्वेच्छा से अपने हथियार पुलिस के समक्ष सरेंडर कर सकते हैं, अन्यथा जांच में दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।






