Uttarakhand

पंखों की दुनिया से रूबरू कराएगा कोटद्वार का बर्ड फेस्टिवल, प्रशासन ने तेज की ये तैयारियां

कोटद्वार के सनेह क्षेत्र में 31 जनवरी से शुरू होने वाले दो दिवसीय बर्ड फेस्टिवल में बर्ड वाचिंग, नेचर ट्रेल, फोटोग्राफी, प्रदर्शनी और मैराथन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे

योगेंद्र मलिक

पौड़ी गढ़वाल, 22 जनवरी, 2026:

उत्तराखंड में कोटद्वार के सनेह क्षेत्र में 31 जनवरी और 1 फरवरी को होने वाले दो दिवसीय बर्ड फेस्टिवल को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समय पर पूरी हों। उन्होंने कहा कि इस फेस्टिवल को भव्य और आकर्षक रूप दिया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें।

बर्ड वाचिंग और प्रदर्शनी रहेंगी खास

ये भी पढ़ें:

जिलाधिकारी ने बताया कि बर्ड फेस्टिवल के दौरान बर्ड वाचिंग से जुड़ी सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। कार्यक्रम स्थल पर बर्ड प्रदर्शनी और स्टाल लगाए जाएंगे, जिनमें पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों, उनके संरक्षण और पर्यावरण संतुलन से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। साथ ही दुर्लभ और प्रवासी पक्षियों की पहचान के लिए सूचना पैनल, बर्ड आइडेंटिफिकेशन चार्ट और जागरूकता सामग्री भी प्रदर्शित की जाएगी।

12 नेचर ट्रेल और बच्चों के लिए विशेष गतिविधियां

फेस्टिवल के दौरान बर्ड वाचिंग के लिए 12 नेचर ट्रेल विकसित की जाएंगी, जिनके माध्यम से प्रतिभागी प्राकृतिक वातावरण में अलग-अलग पक्षी प्रजातियों को नजदीक से देख सकेंगे। स्कूली बच्चों और युवाओं के लिए बर्ड क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे उनमें पर्यावरण और जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़े। बाहर से आने वाले बर्ड वॉचरों के ठहरने की भी समुचित व्यवस्था की जाएगी।

फोटोग्राफी, मैराथन और जनभागीदारी पर जोर

बर्ड फेस्टिवल में बर्ड फोटोग्राफी प्रतियोगिता, लाइव फोटोग्राफी सत्र, प्रदर्शनी और मैराथन दौड़ का आयोजन भी किया जाएगा। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षाधिकारी को अधिक से अधिक स्कूली बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करने और खेल अधिकारी को मैराथन के पंजीकरण बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह नेगी, भातखंडे हिंदुस्तानी संगीत महाविद्यालय के प्रधानाचार्य अनिरुद्ध बिष्ट सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें  वाराणसी : सूतक काल से पहले निकली अनूठी बारात ...सजे-धजे रथ पर विराजे बाबा लाट भैरव

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button