Uttarakhand

दो महीने में 2.87 करोड़ की मदद, 4,812 बच्चों के खातों में पहुंची वात्सल्य योजना की रकम

कोविड में बेसहारा हुए बच्चों को मिली सहायता, मंत्री रेखा आर्या ने जुलाई में 1.44 करोड़, अगस्त में 1.43 करोड़ रुपये की किस्त की जारी, 21 साल की उम्र पूरी करने वाले 71 बच्चे योजना से बाहर, अब तक 1,765 लाभार्थी हुए बाहर

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 10 सितंबर 2026:

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत कोविड महामारी में अभिभावकों को खोने वाले बच्चों के लिए जुलाई-अगस्त की आर्थिक सहायता जारी कर दी गई है। दोनों महीनों के लिए 2 करोड़ 87 लाख 73 हजार रुपये जारी किए गए हैं। योजना के तहत लाभार्थियों को 21 साल की उम्र तक हर महीने तीन हजार रुपये की मदद दी जाती है।

जुलाई में 4,812 बच्चों को मिली सहायता

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महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बृहस्पतिवार को अपने शासकीय आवास से सहायता राशि जारी की। जुलाई की रकम 4,812 लाभार्थियों के लिए जारी हुई है। इस महीने 1 करोड़ 44 लाख 36 हजार रुपये की सहायता दी गई है।

अगस्त में 4,779 लाभार्थियों के लिए रकम जारी

अगस्त की सहायता 4,779 बच्चों के लिए भेजी गई है। इसके लिए 1 करोड़ 43 लाख 37 हजार रुपये जारी किए गए हैं। दोनों महीनों की कुल रकम 2 करोड़ 87 लाख 73 हजार रुपये है। यह राशि सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के जरिए लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। जून 2026 तक की सहायता पहले ही जारी की जा चुकी है।

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21 साल की उम्र पर योजना से बाहर हुए 71 बच्चे

योजना के नियम के मुताबिक 21 साल की उम्र पूरी होने के बाद लाभार्थी को आर्थिक सहायता नहीं दी जाती। जुलाई में 38 बच्चों ने 21 साल पूरे किए, जबकि अगस्त में 33 बच्चे इस उम्र तक पहुंचे। इस तरह इन दो महीनों में 71 बच्चे योजना से बाहर हुए। योजना शुरू होने के बाद अब तक 1,513 बच्चे 21 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं।

दूसरे कारणों से 252 बच्चे भी हुए बाहर

माता-पिता के पुनर्विवाह, लाभार्थी की मृत्यु समेत दूसरे कारणों से भी 252 बच्चे योजना के दायरे से बाहर हुए हैं। 21 साल की उम्र पूरी करने वाले 1,513 बच्चों को मिलाकर अब तक कुल 1,765 लाभार्थी योजना से बाहर हो चुके हैं।

पढ़ाई से बेहतर भविष्य तक मदद का दावा

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना का मकसद कोविड से प्रभावित बच्चों को आर्थिक सहारा देना है। इसके साथ उनकी पढ़ाई, पालन-पोषण व बेहतर भविष्य के लिए जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने पर भी फोकस किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि इन बच्चों को आगे की जिंदगी में आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। इस दौरान मुख्य परिवीक्षा अधिकारी अंजना गुप्ता समेत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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