
प्रयागराज, 10 सितंबर 2026:
यूपी के प्रयागराज में 60 हजार प्राथमिक शिक्षक पदों पर भर्ती की मांग को लेकर कई दिन से चल रहा प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन गुरुवार को फिर तेज हो गया। बुधवार रात करीब दो बजे धरना स्थल से छात्रों को हटाए जाने के बाद गुरुवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सिविल लाइंस स्थित धरना स्थल के पास पहुंच गए। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी हर्ष होटल के पास जुट गए।
रात में धरना हटाए जाने के बाद बढ़ा आक्रोश
बता दें कि बुधवार रात करीब दो बजे पुलिस कार्रवाई के बाद छात्रों का आंदोलन और बड़ा हो गया। इससे पहले टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थी पुरानी नियमावली के तहत भर्ती कराने की मांग को लेकर करीब 10 दिन से धरना दे रहे थे। छात्रों का कहना है कि रात में कार्रवाई के बावजूद आंदोलन खत्म नहीं होगा। उनका कहना है कि 60 हजार प्राथमिक शिक्षक पदों पर भर्ती को लेकर सरकार जब तक ठोस फैसला नहीं करती, प्रदर्शन जारी रहेगा।
बारिश के बीच भी डटे छात्र, अलग-अलग आंदोलन एक मंच पर आए
इसी कार्रवाई से नाराज होकर गुरुवार को प्रयागराज में तेज बारिश के बावजूद प्रतियोगी छात्र प्रदर्शन करते रहे। हर्ष होटल के पास पुलिस की बैरिकेडिंग के पास छात्र नारेबाजी करते रहे। छात्रों की संख्या लगातार बढ़ने पर शहर के साथ यमुनापार के थानों से भी पुलिस फोर्स बुलाई गई। पुलिस ड्रोन से भीड़ की निगरानी करती रही। छात्रों का कहना है कि टीजीटी, पीजीटी व डीएलएड अभ्यर्थी पहले अलग-अलग मंच से धरना दे रहे थे। बुधवार रात धरना स्थल से हटाए जाने के बाद सभी प्रतियोगी छात्र एकजुट हो गए। गुरुवार को छात्र एकता जिंदाबाद के नारे लगाते हुए 60 हजार प्राथमिक शिक्षक पदों पर भर्ती की मांग कर रहे थे।

छात्रों का आरोप, रात में साथियों को उठा ले गई पुलिस
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बुधवार रात पुलिस ने धरना दे रहे उनके साथियों को जबरन हटाया। छात्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए लगाया गया टेंट व दूसरे सामान को भी पुलिस अपने साथ ले गई। कुछ छात्रों ने पुलिस पर बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे आंदोलन को आधी रात में खत्म कराने की कोशिश की गई।
छात्र बोले, 15 से 20 लाख युवा बेरोजगार
छात्रों का कहना था कि डीएलएड 18 बैच से प्रशिक्षण लेने वाले कई अभ्यर्थी पांच से सात बार TET व CTET पास कर चुके हैं, फिर भी भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा प्रशिक्षण लेकर बेरोजगार बैठे हैं। उनका दावा है कि 15 से 20 लाख अभ्यर्थी भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। सरकार एक बड़ी शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करे। अगर एक साथ बड़ी भर्ती संभव नहीं है तो हर साल भर्ती का कैलेंडर जारी किया जाए, जिससे अभ्यर्थियों को तय समय पर भर्ती की उम्मीद रहे।

राजनीतिक दलों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए
बुधवार रात छात्रों को धरना स्थल से हटाए जाने की कार्रवाई पर राजनीतिक दलों ने भी सरकार को घेरा। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रयागराज की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि 60 हजार शिक्षकों की भर्ती की मांग को लेकर धरने पर बैठे छात्रों के खिलाफ रात में पुलिस की कार्रवाई की गई। उन्होंने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा।
आक्रोश बता रहा सरकार की नाकामी
संजय सिंह ने TGT-PGT भर्ती के नियमों में बदलाव का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि रोजगार की मांग कर रहे छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया। उन्होंने इसे सरकार के खिलाफ बढ़ते युवाओं के आक्रोश से जोड़ते हुए कार्रवाई की आलोचना की। इसी तरह समाजवादी पार्टी की मीडिया सेल व सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि रोजगार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे TGT-PGT अभ्यर्थियों के साथ बल प्रयोग नहीं होना चाहिए था। उन्होंने सरकार से छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान निकालने की मांग की।
पुलिस बोली, बिना अनुमति चल रहा था धरना
बीती रात छात्रों के बल प्रयोग के आरोपों पर एडीसीपी सिटी सागर जैन ने अलग स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि धरना स्थल पर बिना अनुमति प्रदर्शन चल रहा था। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं से वहां से हटने का अनुरोध किया था। एडीसीपी के मुताबिक, किसी छात्र के साथ बल प्रयोग नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्राओं का ग्लूकोज लेवल काफी कम हो गया था। उन्हें मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी छात्राओं को घर भेज दिया गया। पुलिस ने छात्राओं को हटाने के दौरान बल प्रयोग किए जाने के आरोप को गलत बताया है।






