
लखनऊ, 10 सितंबर 2026:
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे इंटर्न आयुष डॉक्टरों का सब्र गुरुवार को जवाब दे गया। लखनऊ स्थित राजकीय नेशनल होम्योपैथिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल में इंटर्न डॉक्टरों ने ओपीडी बंद रखकर प्रदर्शन किया। इसका सीधा असर इलाज के लिए पहुंचे मरीजों पर पड़ा। लखनऊ और आसपास के जिलों के साथ ही दूर-दराज से आए सैकड़ों मरीज घंटों परेशान रहे और उपचार नहीं मिलने पर कई मरीजों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
इंटर्न डॉक्टरों को फिलहाल हर महीने 7,500 रुपये स्टाइपेंड मिलता है। उनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। इस मांग को लेकर इंटर्न कई दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। पहले कॉलेज परिसर में प्रदर्शन हुआ। इसके बाद चौराहे पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। इंटर्न डॉक्टरों ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से मुलाकात कर भी अपनी मांग रखी थी। उनका कहना है कि उन्हें मांग पर कार्रवाई का भरोसा मिला, लेकिन अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ।
इंटर्न डॉक्टर काजल ने बताया कि एक दिन पहले GPO पर भी प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद भी सुनवाई नहीं होने पर गुरुवार को OPD बंद करने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि मरीजों की परेशानी को लेकर उन्हें पूरी सहानुभूति है लेकिन लगातार मांग उठाने के बावजूद समाधान नहीं होने से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

बोले- दूसरे राज्यों में आयुष को बढ़ावा, यूपी में क्यों नहीं?
इंटर्न डॉक्टर कीर्तिका ने कहा कि दूसरे राज्यों में होम्योपैथी समेत आयुष चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है लेकिन उत्तर प्रदेश में स्थिति अलग है। उन्होंने कहा कि उन्होंने NEET क्वालीफाई कर दाखिला लिया है, इसलिए अन्य डॉक्टरों के समान सम्मान और सुविधाएं मिलनी चाहिए।
शासन को पहले ही भेजी जा चुकी है जानकारी
राजकीय नेशनल होम्योपैथिक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विजय कुमार पुष्कर ने कहा कि इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने के संबंध में शासन को पहले ही अवगत कराया जा चुका है। निदेशक स्तर से भी प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द समाधान हो जाएगा। उन्होंने माना कि इंटर्न के प्रदर्शन से गुरुवार को OPD प्रभावित हुई, हालांकि दूर-दराज से आए मरीजों के लिए अलग से इलाज की व्यवस्था की गई।






