
लखनऊ, 21 जुलाई 2026:
यूपी को तेज रफ्तार विकास की दिशा में आगे बढ़ाते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को उनके सरकारी आवास पर हुई कैबिनेट बैठक में 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक का महत्वपूर्ण फैसला दो नए एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर रहा जिन्हें प्रदेश में औद्योगिक विकास, निवेश और क्षेत्रीय संपर्क के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।
कैबिनेट ने प्रयागराज-सोनभद्र एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दे दी। करीब 333 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर लगभग 26 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके बनने से पूर्वांचल और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

दूसरे फैसले के तहत विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को स्वीकृति दी गई। 117 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और गाजीपुर, मिर्जापुर तथा चंदौली से होकर गुजरेगा। परियोजना की कुल लागत 9,039 करोड़ रुपये तय की गई है। इसमें 5,628 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पर खर्च होंगे जबकि 1,731 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण पर शेष राशि खर्च की जाएगी।
कैबिनेट ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे और अन्य परियोजनाओं के ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मोड पर विकासकर्ता चयन संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। वहीं पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अधिक आबादी वाले क्षेत्र में मकानों को बचाने के लिए 1.18 किलोमीटर लंबे डायवर्जन के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी। खास बात यह रही कि इस बदलाव के बावजूद परियोजना की लागत में कोई वृद्धि नहीं की गई।
जन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अग्निशमन विभाग के लिए 44 वाटर टैंकर और 5 फोम टैंकर खरीदने का निर्णय लिया गया। ये छोटे और विशेष वाहन उन संकरी जगहों तक भी पहुंच सकेंगे, जहां बड़े दमकल वाहन नहीं पहुंच पाते। बैठक में संभल रिपोर्ट को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा महिला कल्याण, सचिवालय प्रशासन, गृह, उच्च शिक्षा, राज्यकर, परिवहन, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन तथा सहकारिता विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी गई।






