लखनऊ, 10 जून 2026:
पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा का नया कीर्तिमान स्थापित किया। वाराणसी से लगातार तीसरी बार सांसद चुने गए मोदी के नेतृत्व और सीएम योगी आदित्यनाथ के कुशल क्रियान्वयन ने यूपी को विकास और आस्था के ऐसे मॉडल के रूप में स्थापित किया है जिसकी चर्चा देश के साथ दुनिया भर में हो रही है।
डबल इंजन सरकार की समन्वित कार्यशैली का परिणाम है कि कभी पिछड़ेपन और अव्यवस्था की पहचान रखने वाला यूपी आज देश का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। प्रदेश में एक ओर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का जाल बिछा है तो दूसरी ओर धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिली है।

पीएम मोदी ने गत 28 मार्च को सीएम योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का लोकार्पण कर प्रदेश को ऐतिहासिक सौगात दी। इसके साथ ही महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अयोध्या और कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने प्रदेश को वैश्विक कनेक्टिविटी से जोड़ने का कार्य किया। 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना ने प्रदेश के विकास को नई गति प्रदान की है।
निवेश के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने नई पहचान बनाई है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्रदेश ने देश-विदेश के निवेशकों का भरोसा जीता। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं निवेशकों को प्रदेश की संभावनाओं से परिचित कराया और सीएम योगी के प्रयासों को मजबूती प्रदान की। सेमीकंडक्टर यूनिट, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना और केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना जैसी योजनाएं प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रही हैं।

आस्था और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के क्षेत्र में भी मोदी-योगी की जोड़ी ने ऐतिहासिक कार्य किए हैं। अयोध्या में 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण और लोकार्पण भारतीय संस्कृति और आस्था का स्वर्णिम अध्याय बन गया। वहीं काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर ने वाराणसी को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित किया है। प्रयागराज महाकुंभ-2025 में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की भागीदारी ने इसकी वैश्विक पहचान को और मजबूत किया।
पीएम मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को भी विकास की अभूतपूर्व सौगातें दी हैं। लगभग 36,211 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और करीब 25 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास कर उन्होंने शहर के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया। ट्रेड फैसिलिटी सेंटर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, सिगरा स्टेडियम, रिंग रोड, रोपवे, फ्लाईओवर और घाटों का पुनर्विकास इसकी प्रमुख उपलब्धियां हैं।

वहीं गोरखपुर में वर्षों से बंद पड़े फर्टिलाइजर कारखाने को पुनर्जीवित कर हजारों लोगों को रोजगार से जोड़ा गया। साथ ही एम्स गोरखपुर की स्थापना ने पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल के लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं। मेरठ में नमो भारत रैपिड रेल और मेट्रो सेवा की शुरुआत ने प्रदेश में आधुनिक परिवहन व्यवस्था का नया अध्याय लिखा है।
विकास और विरासत के इस मॉडल ने उत्तर प्रदेश को नई पहचान दी है। परएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की जोड़ी ने प्रदेश को आर्थिक के साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का काम किया है।






