लखनऊ, 10 जून 2026:
यूपी में संचालित स्वरोजगार योजनाएं ग्रामीण युवाओं के सपनों को नई दिशा दे रही हैं। सरकार की पहल से बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलने के साथ वे स्वयं उद्यमी बनकर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं। लखीमपुर खीरी जिले के ग्राम देवरिया निवासी रामलखन इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं।
रामलखन का सपना था कि वे कुछ नया करें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएं। हालांकि सीमित संसाधन और पूंजी की कमी उनके रास्ते की सबसे बड़ी बाधा थी। इसी दौरान उन्हें जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) की जानकारी मिली। उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया और वर्ष 2024 में उन्हें 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ।
सरकारी सहयोग मिलने के बाद रामलखन ने डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की। उन्होंने आधुनिक तरीके से दुग्ध उत्पादन का काम शुरू किया। धीरे-धीरे अपने उद्यम का विस्तार करते गए। आज उनका डेयरी कारोबार प्रतिदिन लगभग 5 से 8 क्विंटल दूध का उत्पादन कर रहा है। दूध की स्थानीय स्तर पर आपूर्ति की जा रही है। इससे आसपास के बाजार को भी लाभ मिल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
रामलखन बताते हैं कि इस व्यवसाय ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। आज वे सभी खर्चों के बाद प्रतिमाह लगभग 15 से 30 हजार रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं। इतना ही नहीं, उनके डेयरी उद्यम से गांव के तीन अन्य लोगों को भी रोजगार मिला है। इससे कई परिवारों की आजीविका मजबूत हुई है।
रामलखन की सफलता बताती है कि यदि सही मार्गदर्शन और सरकारी सहायता मिले तो ग्रामीण युवा भी सफल उद्यमी बन सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाएं प्रदेश में आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव तैयार कर रही हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश के युवा अब नौकरी तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनकर नए प्रदेश के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।






