राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 11 जून 2026:
भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में 13 जून को होने वाली पासिंग आउट परेड इस बार कई मायनों में इतिहास रचने जा रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रिव्यूइंग अफसर के रूप में परेड की सलामी लेंगी। वहीं अकादमी के 94 साल के इतिहास में पहली बार महिला कैडेट भी पुरुष कैडेटों के साथ ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल कर भारतीय सेना में अधिकारी बनेंगी।
आईएमए लंबे समय तक केवल पुरुष कैडेटों के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में जाना जाता रहा है, लेकिन इस बार परेड में महिला कैडेटों की भागीदारी सैन्य प्रशिक्षण व्यवस्था में आए बड़े बदलाव की तस्वीर पेश करेगी। यह सफर वर्ष 2022 में शुरू हुआ था, जब नेशनल डिफेंस एकेडमी में पहली बार महिला कैडेटों को शामिल किया गया। इनमें से आठ कैडेटों ने सेना को चुना और वर्ष 2025 में आईएमए में दाखिला लिया। अब प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये कैडेट पासिंग आउट परेड में पुरुष कैडेटों के साथ हिस्सा लेंगीं।

ऐतिहासिक परेड को लेकर अकादमी परिसर में तैयारियां अंतिम दौर में हैं। दूसरी तरफ राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम तेज कर दिए हैं। शहर में वीवीआईपी रूट, कार्यक्रम स्थल और प्रवास स्थलों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, व्यापक चेकिंग अभियान चलाने और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस की ओर से सभी थाना प्रभारियों को होटल, धर्मशाला, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर बाहरी लोगों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत के मुताबिक कुछ मार्गों पर यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। राष्ट्रपति दो दिवसीय दौरे के कार्यक्रम के तहत वह 12 जून को देहरादून स्थित राष्ट्रपति निकेतन पहुंचेंगी। इसके बाद 13 जून को आईएमए की पासिंग आउट परेड में शामिल होकर कैडेटों की सलामी लेंगी।






