लखनऊ, 14 जून 2026:
राजधानी लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के दूसरे दिन रविवार को उत्तर प्रदेश में सुशासन, संस्कृति, निवेश और विकास के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों से आए 100 से ज्यादा डिजिटल क्रिएटर्स, नीति विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों के जानकारों ने हिस्सा लिया।
परिचर्चा सत्र में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने योगी सरकार के नौ वर्षों के कामकाज का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 के बाद केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच बेहतर तालमेल बना, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, शिक्षा और गरीब कल्याण से जुड़ी योजनाओं को व्यापक स्तर पर लागू किया गया।
अवनीश अवस्थी ने कहा कि सरकार ने सबसे पहले कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी। अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई और पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर भर्तियां की गईं। महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था भी लागू की गई। उन्होंने बताया कि तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए बजट में लगातार प्रावधान बढ़ाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया। अवैध कब्जों को हटाकर जमीनों का उपयोग गरीबों के आवास समेत जनहित के कार्यों में किया गया। गैंगस्टर एक्ट के तहत भी सख्त कार्रवाई की गई। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रोजाना कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हैं।
विकास परियोजनाओं का जिक्र करते हुए अवस्थी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का बड़ा केंद्र बन चुका है। डिफेंस कॉरिडोर, ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण परियोजना, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट प्रदेश की नई पहचान बन रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश में है।
जेवर एयरपोर्ट को प्रदेश की अहम परियोजना बताते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित इस योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाया गया। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में लगातार बढ़ोतरी हुई है और उत्तर प्रदेश अब राजस्व अधिशेष वाले राज्यों की श्रेणी में पहुंच चुका है।
दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) के संस्थापक अध्यक्ष मिलिंद कांबले ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक माहौल में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उनके मुताबिक बेहतर कानून-व्यवस्था, सड़क और रेल संपर्क के विस्तार तथा उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाओं में सुधार से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने एक जिला एक उत्पाद योजना को स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।
आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय की निदेशक अलका बहुगुणा ढौंडियाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर विभागवार निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1.09 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है और विकास योजनाओं के असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहे हैं।
विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्रा ने कहा कि रोजगार, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के कारण प्रदेश से पलायन में कमी आई है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए खाद और दूसरी जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता आसान हुई है, जिससे ग्रामीण इलाकों में भी बदलाव महसूस किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद डिजिटल क्रिएटर्स ने विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका जवाब विशेषज्ञों और वक्ताओं ने दिया। चर्चा में शामिल वक्ताओं ने उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल, निवेश माहौल और प्रशासनिक बदलावों पर अपने विचार भी साझा किए।






