लखनऊ, 14 जून 2026:
खेल और शिक्षा के क्षेत्र में यूपी लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। इसी कड़ी में मेरठ स्थित मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न स्नातक, परास्नातक और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय की ओर से ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 10 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। यह पहल प्रदेश के खिलाड़ियों और खेल क्षेत्र में भविष्य बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।
इस सत्र से विश्वविद्यालय में तीन वर्षीय बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (बीपीईएस) और बीएससी योग पाठ्यक्रम में प्रवेश दिए जाएंगे। वहीं, दो वर्षीय एमएससी योग कार्यक्रम में भी दाखिले होंगे। खेल जगत में बढ़ते अवसरों को देखते हुए स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा कोर्स भी शुरू किया गया है। इससे खेल मीडिया के क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं को नया मंच मिलेगा।

बीपीईएस में 50, बीएससी योग में 40, एमएससी योग में 20 तथा स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में 15 सीटों पर प्रवेश होंगे। इसके अलावा स्कूल ऑफ कोचिंग के तहत एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, हॉकी, कबड्डी, कुश्ती और योग सहित विभिन्न खेलों में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा कोर्स भी शुरू किए जा रहे हैं। हर डिप्लोमा पाठ्यक्रम में 15-15 सीटें निर्धारित की गई हैं।
विश्वविद्यालय ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है। ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, विश्व चैंपियनशिप और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को सीधे प्रवेश मिलेगा। साथ ही खेलो इंडिया, एसजीएफआई राष्ट्रीय खेल और विभिन्न राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक विजेता खिलाड़ियों को भी यह सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त सभी पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत अतिरिक्त सीटें उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए आरक्षित रहेंगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र में 12 नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। इनमें नौ डिप्लोमा, दो स्नातक और एक परास्नातक कार्यक्रम शामिल हैं। प्रवेश प्रक्रिया फिटनेस टेस्ट और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर होगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य खिलाड़ियों का समग्र विकास करना और प्रदेश को देश का अग्रणी खेल केंद्र बनाना है।






