Uttar Pradesh

फोरलेन सड़कें, नए पुल और फ्लाईओवर… लखनऊ मंडल के विकास का रोडमैप तैयार

41,229 करोड़ के 4,204 प्रस्तावों पर योगी सरकार की बड़ी तैयारी, मुख्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी की कार्ययोजना को लेकर जनप्रतिनिधियों के साथ की समीक्षा बैठक, माह के अंत तक परियोजनाओं को स्वीकृति देकर कार्य शुरू कराने के निर्देश

लखनऊ, 18 जून 2026:

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार रात अपने सरकारी आवास पर लखनऊ मंडल के जनप्रतिनिधियों के साथ लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में लखनऊ, हरदोई, रायबरेली, उन्नाव, सीतापुर और लखीमपुर खीरी जनपदों के जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों की प्रमुख विकास परियोजनाओं, आधारभूत संरचना संबंधी जरूरतों तथा जन अपेक्षाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों की वास्तविक आवश्यकताओं और समस्याओं की गहरी समझ होती है। ऐसे में शासन की योजनाओं के निर्माण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में उनके सुझाव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त प्रस्तावों की प्राथमिकता तय करते हुए शीघ्र कार्ययोजना शासन को भेजी जाए जिससे उन्हें जून माह के अंत तक स्वीकृति देकर धरातल पर कार्य शुरू कराया जा सके।

मुख्यमंत्री को बैठक में बताया गया कि लखनऊ मंडल के विभिन्न विकास खंडों से लगभग 41,229 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले 4,204 विकास प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा बताई गई प्राथमिकताओं को गंभीरता से लेते हुए परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ मंडल के हर जनपद और विधानसभा क्षेत्र की अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विशेषताएं हैं। इन्हें और अधिक सशक्त बनाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंडल में संचालित सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने के साथ प्रगति की निगरानी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट कार्ययोजना, समयबद्धता, सतत संवाद और नियमित फीडबैक को आवश्यक बताया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनहित से जुड़े हर विषय के प्रति संवेदनशील है। जनता की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निर्माण कार्यों से प्रभावित लोगों के उचित पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्टेट हाईवे, दीर्घ एवं लघु सेतु, रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी), धार्मिक स्थलों तक पहुंच मार्ग, फ्लाईओवर निर्माण और सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा तय वरीयता क्रम के आधार पर इन परियोजनाओं पर त्वरित कार्रवाई की जाए। इसके अलावा जिला मुख्यालयों को फोरलेन सड़कों से जोड़ने, चीनी मिलों तक बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने, सिंगल कनेक्टिविटी वाली सड़कों के निर्माण तथा ब्लैक स्पॉट सुधार कार्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए बताया गया कि कुल 3,238 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। शेष परियोजनाएं विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। उन्होंने अवशेष कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन अधिकारियों के स्तर पर अनावश्यक विलंब हो रहा है या जिन्होंने अब तक कार्य प्रारंभ नहीं किए उनकी जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई की जाए।

जनप्रतिनिधि करेंगे भूमिपूजन और शिलान्यास

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर समयबद्ध, समन्वित और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा परियोजनाओं का भूमिपूजन और शिलान्यास संबंधित जनप्रतिनिधियों के कर-कमलों से कराया जाए। उन्होंने दोहराया कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण और निष्पक्ष मॉनिटरिंग ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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