बिजनेस डेस्क, 18 जून 2026:
लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी तेजी के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 111.23 अंक टूटकर 77,044.39 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 26.85 अंक फिसलकर 24,058.85 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। डॉलर के मुकाबले रुपया भी 21 पैसे कमजोर होकर 94.71 पर पहुंच गया।
बाजार में आई इस नरमी की बड़ी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख माना जा रहा है। अमेरिका में महंगाई का दबाव बने रहने के बीच फेड की ओर से ब्याज दरों को लेकर मिले संकेतों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ी है और वैश्विक बाजारों में बिकवाली का माहौल बना है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फेड के नए प्रमुख केविन वॉर्श का रुख निवेशकों के लिए चौंकाने वाला रहा है। माना जा रहा था कि वह ब्याज दरों में नरमी के पक्ष में रहेंगे, लेकिन महंगाई पर काबू पाने के लिए दरें बढ़ाने की संभावना अब मजबूत होती दिख रही है। अक्टूबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका भी जताई जा रही है।
हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार की लंबी अवधि की तस्वीर अभी भी मजबूत बनी हुई है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से घरेलू अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की संभावना है। इससे बाजार को आगे समर्थन मिल सकता है।
इस बीच एचडीएफसी बैंक ने रिजर्व बैंक की विशेष स्वैप सुविधा के तहत 75 करोड़ डॉलर की एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग जुटाई है। इसके साथ ही बैंक इस योजना का लाभ उठाने वाला देश का पहला बैंक बन गया है। पांच साल अवधि वाले इस विदेशी बॉन्ड को बैंक की गिफ्ट सिटी शाखा के जरिए जारी किया गया है।
वैश्विक बाजारों की बात करें तो जापान के टॉपिक्स सूचकांक और अमेरिकी एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में तेजी दर्ज की गई। वहीं हांगकांग के हैंग सेंग, यूरोप के यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स और ऑस्ट्रेलिया के एसएंडपी/एएसएक्स 200 में गिरावट देखने को मिली। शंघाई कंपोजिट लगभग स्थिर रहा।






