Ho Halla SpecialNational

विदेशी वाइन, लग्जरी कार के शौकीनों के लिए अच्छी खबर… इंडिया-यूके समझौते से मिलेगा ये फायदा

15 जुलाई से लागू होगा FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट), व्यापार को मिलेगा बढ़ावा, कई ब्रांडेड चीजें होंगी सस्ती

न्यूज डेस्क, 18 जून 2026:

अगर आप विदेशी स्कॉच व्हिस्की, लक्जरी कारें या प्रीमियम कपड़ों के खरीदने के शौकीन है तो आपके लिए अच्छी खबर है। भारत और ब्रिटेन के बीच लंबे समय से जिस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का इंतजार था वह अब 15 जुलाई से लागू होने जा रहा है। इस समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार आसान होगा, कई उत्पादों पर लगने वाला भारी आयात शुल्क घटेगा और कई मामलों में पूरी तरह खत्म भी हो जाएगा।

इस समझौते को 15 जुलाई से पूरी तरह लागू करने का अंतिम फैसला फ्रांस के एवियां-ले-बां में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों की द्विपक्षीय बैठक में लिया गया। इसी बैठक के बाद पीएम मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर इसकी जानकारी साझा की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इंडिया-यूके संबंधों के लिए ये एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से साल 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना होकर 120 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। ब्रिटेन से आने वाली स्कॉच व्हिस्की और ‘जिन’ पर लगने वाला 150 प्रतिशत टैरिफ घटकर 75 प्रतिशत हो सकता है। आने वाले वर्षों में इसे और घटाकर 40 प्रतिशत तक किया जा सकता है। इससे विदेशी शराब की कीमतों में कमी आ सकती है

india-uk-free-trade-agreement-fta-july-15-implementation

इस समझौते के तहत भारत के 99 प्रतिशत उत्पादों को ब्रिटेन में बिना किसी टैरिफ के निर्यात किया जा सकेगा वहीं यूके के 99 प्रतिशत सामान 3 प्रतिशत एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे। जगुआर, लैंड रोवर और रोल्स-रॉयस जैसी ब्रिटिश कारों पर लगने वाला आयात शुल्क कोटा व्यवस्था के तहत 100 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत तक आ सकता है। इससे इन कारों की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है।

ब्रिटेन से आने वाले चॉकलेट, बिस्किट और सॉफ्ट ड्रिंक्स भी पहले की तुलना में सस्ते मिल सकते हैं। वहीं ब्रिटिश कॉस्मेटिक्स, मेडिकल उपकरण और एयरोस्पेस उत्पादों पर शुल्क कम होने से इनकी कीमतों में भी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही ब्रिटेन के फैशन ब्रांड, फुटवियर, होमवेयर और फर्नीचर भी कम कीमत पर उपलब्ध हो सकेंगे।

इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारतीय निर्यातकों को होगा। टेक्सटाइल, चमड़ा, इंजीनियरिंग, फार्मा, जेम्स एंड ज्वेलरी, समुद्री उत्पाद और मसाला उद्योग को ब्रिटेन के बाजार में आसानी से पहुंच मिल सकेगी। ब्रिटेन भारतीय कपड़ों, होम टेक्सटाइल, गहनों और चमड़े के उत्पादों पर लगने वाले शुल्क को पूरी तरह खत्म कर सकता है। इससे भारत के निर्यात को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

2024 में भारत और ब्रिटेन के बीच करीब 4.6 लाख करोड़ रुपये का व्यापार हुआ था। भारत ने 2.75 लाख करोड़ रुपये का निर्यात किया जबकि ब्रिटेन से 1.85 लाख करोड़ रुपये का आयात हुआ। भारत से मुख्य रूप से रेडीमेड कपड़े, केमिकल्स, ऑटो पार्ट्स, खिलौने, समुद्री उत्पाद और रत्न-आभूषण निर्यात किए जाते हैं जबकि ब्रिटेन से व्हिस्की, जिन, मेडिकल डिवाइस, कॉस्मेटिक्स, मटन, सैल्मन और बिस्किट आयात होते हैं।

ब्रिटेन के साथ यह समझौता भारत की बदलती व्यापार रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। एशियाई देशों के साथ कई समझौते करने के बाद अब भारत यूरोपियन यूनियन (ईयू) और अमेरिका जैसे बड़े पश्चिमी बाजारों के साथ भी ऐसे समझौतों को प्राथमिकता दे रहा है।

READ MORE

ये भी पढ़ें  Share Market : हरे निशान से लाल तक पहुंचा बाजार, Middle East तनाव से Sensex-Nifty दबाव में

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link