Uttar Pradesh

फाइलों से पोर्टल तक पहुंच, एक क्लिक में लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन, डिजिटल ट्रैक पर दौड़ा परिवहन विभाग

5.30 करोड़ से ज्यादा वाहनों का रिकॉर्ड डिजिटल सिस्टम से संभाला जा रहा, वाहन और सारथी पोर्टल के जरिए 49 सेवाएं फेसलेस मोड में उपलब्ध, लखनऊ आरटीओ वाहन पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में प्रदेश में सबसे आगे

लखनऊ, 19 जून 2026:

उत्तर प्रदेश का परिवहन विभाग डिजिटल गवर्नेंस का बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है। तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, टैक्स जमा करने समेत कई सेवाएं पहले के मुकाबले ज्यादा आसान, तेज और पारदर्शी हुई हैं। अब बड़ी संख्या में लोग बिना आरटीओ कार्यालय पहुंचे घर बैठे ऑनलाइन सुविधाओं का फायदा उठा रहे हैं।

प्रदेश में इस समय 5 करोड़ 30 लाख 25 हजार 689 वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 34 लाख 76 हजार 928 वाणिज्यिक वाहन जबकि 4 करोड़ 95 लाख 48 हजार 761 निजी वाहन शामिल हैं। इतने बड़े नेटवर्क का संचालन वाहन और सारथी पोर्टल के जरिए डिजिटल सिस्टम से किया जा रहा है, जिससे रिकॉर्ड स्तर पर सेवाओं का संचालन संभव हो सका है।

वाहन पंजीकरण के मामले में लखनऊ का ट्रांसपोर्ट नगर आरटीओ प्रदेश में सबसे आगे है। यहां 32 लाख 49 हजार 911 वाहन पंजीकृत हैं। इसके बाद प्रयागराज, कानपुर नगर, आगरा और वाराणसी का स्थान है। विभाग के आंकड़े बताते हैं कि डिजिटल व्यवस्था की वजह से कामकाज की रफ्तार लगातार बढ़ी है।

ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में भी लखनऊ नंबर वन
प्रदेश में अब तक करीब 2.99 करोड़ ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा लाइसेंस जारी करने वाले आरटीओ कार्यालयों में लखनऊ पहले स्थान पर है, जहां 13.66 लाख लाइसेंस जारी किए गए हैं। इसके बाद गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर नगर और प्रयागराज का स्थान है।

व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंस के मामले में भी प्रदेश ने अहम उपलब्धि हासिल की है। अब तक 29 लाख 5 हजार 937 ट्रांसपोर्ट ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। इस श्रेणी में प्रयागराज, कानपुर नगर, गोरखपुर, जौनपुर और आजमगढ़ के कार्यालय आगे हैं।

49 सेवाएं हुईं फेसलेस, घर बैठे मिल रहा लाभ

परिवहन विभाग ने डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए वाहन (VAHAN) और सारथी (SARATHI) पोर्टल के जरिए 49 सेवाओं को फेसलेस और कॉन्टैक्टलेस मोड में उपलब्ध कराया है। इससे लोगों को आरटीओ कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है। ऑनलाइन आवेदन के जरिए विभिन्न सेवाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था से समय की बचत हुई है, पारदर्शिता बढ़ी है और मानव हस्तक्षेप कम होने से सेवाएं ज्यादा तेज और आसान बनी हैं।

परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने कहा कि विभाग का मकसद कम समय में लोगों को बेहतर सुविधाएं देना है। अब बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ी कामयाबी है।

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