लखनऊ, 19 जून 2026:
केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर उत्तर प्रदेश में 5 जून से 21 जून तक समेकित जन-कल्याण और जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समापन शुक्रवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भव्य आयोजन के साथ हुआ।
यहां हुए कार्यक्रम में लोकगायिका मंगलम भारद्वाज और नीतू श्रीवास्तव ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को लोक संस्कृति के रंग में सराबोर कर दिया। वहीं लोकनृत्यांगना स्वाति श्रीवास्तव और उनकी टीम ने पारंपरिक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुति देकर खूब सराहना बटोरी। गीत, संगीत और नृत्य के माध्यम से सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याण से जुड़े संदेशों को सरल और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

हजारों स्थानीय कलाकारों ने एक साथ संभाली जिम्मेदारी
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में 450 सांस्कृतिक दलों के हजारों स्थानीय कलाकारों ने हिस्सा लिया। कलाकारों ने लोकगीत, लोकनृत्य, कठपुतली, नुक्कड़ नाटक और अन्य सांस्कृतिक विधाओं के जरिए लोगों के बीच जन-जागरूकता का संदेश पहुंचाया। उन्होंने कहा कि इस पहल से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला, वहीं आम लोगों को प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का मौका भी मिला।
मनोरंजन के साथ जागरूकता का भी बना माध्यम
जयवीर सिंह ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने और विकास योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का असरदार माध्यम भी बन रहे हैं। ऐसे आयोजनों से सांस्कृतिक चेतना को मजबूती मिल रही है और कलाकारों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। इसी वजह से सांस्कृतिक गतिविधियों को जनसंपर्क और जन-जागरूकता अभियानों का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि संस्कृति विभाग ने 17, 18 और 19 जून को प्रदेश के सभी 75 जिलों में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए, जिनके जरिए लोक कला को जन-जागरूकता का माध्यम बनाया गया।






