देहरादून, 20 जून 2026:
चारधाम यात्रा मार्ग पर सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने रुद्रप्रयाग जिले के रतूड़ा क्षेत्र में आधुनिक State Guest House बनाने की तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के तहत प्रस्तावित इस परियोजना को प्राथमिकता में रखते हुए शुक्रवार को सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें निर्माण की रूपरेखा, डिजाइन और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
सचिव राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि रतूड़ा में 0.375 हेक्टेयर भूमि इस परियोजना के लिए चिन्हित की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर जल्द तैयार कर शासन को भेजी जाए, ताकि निर्माण कार्य तय समय में शुरू किया जा सके।
बैठक में कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, रुद्रप्रयाग को निर्देश दिए गए कि भवन का डिजाइन आधुनिक पहाड़ी शैली पर आधारित हो। निर्माण में स्थानीय वास्तुकला, प्राकृतिक परिवेश और पर्वतीय इलाकों की जरूरतों का ध्यान रखा जाए, जिससे यह भवन उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी सामने ला सके।
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पर्याप्त कमरे, बैठक कक्ष, वीआईपी सुविधाएं, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था और दूसरी जरूरी सुविधाओं का प्रावधान करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि यह गेस्ट हाउस सिर्फ सरकारी उपयोग तक सीमित न रहे, बल्कि राज्य की अहम आवासीय परिसंपत्तियों में शामिल हो।
बैठक में पर्यावरणीय मानकों के पालन पर भी जोर दिया गया। सचिव राज्य संपत्ति ने कहा कि भवन की नदी से दूरी राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी के मानकों के मुताबिक तय की जाए। भवन की ऊंचाई और निर्माण से जुड़े सभी मानदंड पर्वतीय क्षेत्रों के नियमों के अनुरूप रखे जाएं। साथ ही गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न करने के निर्देश दिए गए।
चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव रुद्रप्रयाग में बनने वाला यह State Guest House केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं, वीआईपी मेहमानों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए उपयोगी साबित होगा। आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक बैठकों और राज्य अतिथियों के ठहरने के लिए भी इससे बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
बैठक में अपर सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी लक्ष्मण सिंह, उप सचिव हनुमान प्रसाद तिवारी, अधिशासी अभियंता इन्द्रजीत बोस और सहायक अभियंता ओमप्रकाश चन्द्र समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






