स्पोर्टस डेस्क, 22 जून 2026:
FIFA World Cup 2026 में रविवार का दिन इतिहास, रोमांच और संघर्ष से भरा रहा। एक तरफ मोहम्मद सलाह की अगुआई में मिस्र ने 92 साल का इंतजार खत्म करते हुए न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर विश्व कप इतिहास की पहली जीत दर्ज की, तो दूसरी तरफ बेल्जियम और ईरान के बीच खेले गए ग्रुप-जी के मुकाबले में 90 मिनट तक कड़ी टक्कर के बावजूद कोई गोल नहीं हो सका। दोनों टीमों को एक-एक अंक से संतोष करना पड़ा।
मोहम्मद सलाह की कप्तानी में मिस्र का ऐतिहासिक कारनामा
वैंकूवर में खेले गए मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शुरुआत में बढ़त बना ली थी। 15वें मिनट में फिन सरमन ने हेडर के जरिए गोल कर अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया। पहले हाफ तक न्यूजीलैंड का दबदबा कायम रहा, लेकिन दूसरे हाफ में मिस्र ने शानदार वापसी की।
58वें मिनट में मोहम्मद हैनी के क्रॉस पर मुस्तफा जीको ने बराबरी का गोल दागा। इसके नौ मिनट बाद मोहम्मद सलाह और जीको के बीच शानदार तालमेल देखने को मिला और सलाह ने टूर्नामेंट का अपना पहला गोल करते हुए मिस्र को 2-1 की बढ़त दिला दी। 82वें मिनट में सलाह की कॉर्नर किक पर ट्रेजेगुएट ने हेडर से तीसरा गोल दागकर जीत पर मुहर लगा दी। अंतिम सीटी बजते ही मिस्र के खिलाड़ियों और प्रशंसकों में जश्न का माहौल देखने को मिला।
1934 से 2026 तक खत्म हुआ लंबा इंतजार
मिस्र ने पहली बार 1934 में FIFA World Cup में हिस्सा लिया था, लेकिन इसके बाद कई विश्व कप खेलने के बावजूद टीम कभी जीत हासिल नहीं कर सकी थी। आखिरकार 92 साल बाद मोहम्मद सलाह की कप्तानी में टीम ने विश्व फुटबॉल में नया इतिहास लिख दिया।
बेल्जियम और ईरान के बीच जबरदस्त संघर्ष, लेकिन नहीं निकला कोई नतीजा
लॉस एंजिलिस में खेले गए ग्रुप-जी के मुकाबले में बेल्जियम और ईरान ने जीत के लिए पूरा दम लगाया, लेकिन मैच गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ। शुरुआत से ही बेल्जियम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार ईरान की रक्षापंक्ति पर दबाव बनाया।
लंबे समय बाद शुरुआती एकादश में लौटे रोमेलू लुकाकू से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन ईरान के गोलकीपर अलीरेजा बेइरानवंद ने कई शानदार बचाव कर बेल्जियम को बढ़त लेने से रोक दिया। ईरान ने जवाबी हमलों के जरिए कई बार बेल्जियम को परेशान किया। पहले हाफ में मेहदी तारेमी ने गेंद को जाल में पहुंचाया भी, लेकिन ऑफसाइड के कारण गोल मान्य नहीं हो सका। इसके बावजूद ईरान के कप्तान तारेमी और हुसैन कनानी लगातार आक्रमण करते रहे।

रेड कार्ड के बाद 10 खिलाड़ियों से खेला बेल्जियम
मुकाबले का सबसे बड़ा मोड़ 66वें मिनट में आया, जब बेल्जियम के नाथन नगोय को रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बाद टीम को शेष मुकाबला 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। एक खिलाड़ी कम होने के बावजूद बेल्जियम ने अनुशासित खेल दिखाया और ईरान को निर्णायक मौका नहीं दिया। दूसरी ओर ईरान ने अतिरिक्त खिलाड़ी का फायदा उठाने की कोशिश की, लेकिन उसकी कोशिशें भी गोल में नहीं बदल सकीं। आखिरकार मुकाबला 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
इन दोनों मुकाबलों के बाद FIFA World Cup 2026 के ग्रुप चरण में मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। मिस्र की ऐतिहासिक जीत ने जहां उसके नॉकआउट की उम्मीदों को मजबूत किया है, वहीं बेल्जियम और ईरान के बीच मिला एक-एक अंक ग्रुप-जी की जंग को और भी पेचीदा बना गया है।






