
स्पोर्ट्स डेस्क, 15 जुलाई 2026:
FIFA World Cup 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। डलास में खेले गए मुकाबले में स्पेन ने पूरे मैच में गेंद पर बेहतर नियंत्रण रखा और फ्रांस के स्टार खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ स्पेन विश्व कप फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई। अब उसका सामना इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
यमाल पर फाउल, ओयरजाबल ने दिलाई बढ़त
मैच की शुरुआत में फ्रांस ने कुछ तेज हमले किए और किलियन एम्बाप्पे ने अपनी रफ्तार से स्पेनिश डिफेंस को परखने की कोशिश की। हालांकि पहला बड़ा मौका स्पेन को मिला। 19 वर्षीय लामिन यमाल बॉक्स के भीतर गेंद तक पहले पहुंचे, जहां लुकास डिग्ने ने उन्हें फाउल कर दिया। रेफरी ने तुरंत पेनल्टी दी।

22वें मिनट में मिकेल ओयरजाबल ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी। फ्रांस के गोलकीपर माइक मेन्यां सही दिशा में गए, लेकिन गेंद को रोक नहीं सके।
दूसरे हाफ में पोरो ने मैच खत्म कर दिया
पहले हाफ की बढ़त के बाद स्पेन ने दूसरे हाफ में भी दबाव बनाए रखा। 58वें मिनट में दानी ओल्मो के साथ शानदार वन-टू पास खेलने के बाद पेड्रो पोरो ने बेहतरीन फिनिश करते हुए गेंद को गोलपोस्ट के निचले कोने में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ स्कोर 2-0 हो गया और फ्रांस की वापसी की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं।
एम्बाप्पे समेत पूरी फ्रांस टीम रही बेअसर
दो गोल से पीछे होने के बाद फ्रांस ने आक्रमण मजबूत करने के लिए डेजिरे डुए और रयान चेर्की को मैदान पर उतारा। एम्बाप्पे ने भी कई बार स्पेनिश डिफेंस को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन गोलकीपर उनाई सिमोन हर बार मजबूती से खड़े रहे। वहीं मार्क कुकुरेला ने भी एम्बाप्पे के एक खतरनाक मूव को शानदार टैकल से रोक दिया। स्पेन की संगठित रक्षा पंक्ति के सामने फ्रांस पूरे मुकाबले में एक भी गोल नहीं कर सका।
अब खिताब से एक कदम दूर स्पेन
अंतिम सीटी बजते ही स्पेन के खिलाड़ी और समर्थक जश्न में डूब गए। टीम अब विश्व कप 2026 का खिताब जीतने से सिर्फ एक जीत दूर है। फाइनल मुकाबला रविवार को न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा। दूसरी ओर फ्रांस अब तीसरे स्थान के मुकाबले में उतरेगा।
मैच में बने ये अहम रिकॉर्ड
मिकेल ओयरजाबल ने स्पेन के लिए अपने पिछले 20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 18वां गोल किया। यह उनके इंटरनेशनल करियर का 30वां गोल भी रहा। स्पेन ने पूरे मुकाबले में फ्रांस को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया और क्लीन शीट के साथ फाइनल में जगह बनाई।






